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POCSO Court: निर्दोष लोगों को गिरफ्तार करने पर पुलिस अधिकारियों लगा जुर्माना, पॉक्सो मामले में कोर्ट का आदेश
Fri, 02 Dec 2022 04:10 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मंगलुरु
पीटीआई, मंगलुरु
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 02 Dec 2022 04:10 PM IST
सार
न्यायाधीश ने राज्य के गृह विभाग के सचिव को भी दोषी महिला पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मेंगलुरु की एक फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पॉक्सो अदालत) ने दो महिला पुलिस अधिकारियों को पॉक्सो मामले में एक निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। व्यक्ति को यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम मामले में उसे एक वर्ष के लिए न्यायिक हिरासत में रखा गया।
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न्यायाधीश के यू राधाकृष्ण ने अपने आदेश में शहर के महिला पुलिस थाने की सब-इंस्पेक्टर पीपी रोसम्मा और इंस्पेक्टर रेवती को निर्देश दिया कि वे इस मामले में अदालत द्वारा बरी किए गए नवीन सेक्वेरा को मुआवजे के तौर पर पांच लाख जुर्माना अदा करें। न्यायाधीश ने राज्य के गृह विभाग के सचिव को भी दोषी महिला पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
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सिक्वेरा को एक मामले में पीड़िता के बयान के आधार पर गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को पीड़िता ने नवीन को प्रताड़ित करने वाला बताया था। सब-इंस्पेक्टर द्वारा सीक्वेरा पर मामला दर्ज किया गया और जांच के लिए इंस्पेक्टर रेवती को सौंप दिया गया। इसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
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सुनवाई के दौरान और सीक्वेरा के वकीलों की दलीलों को संज्ञान में लेते हुए, अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सीक्वेरा निर्दोष था। इसके बाद अदालत ने दो दोषी पुलिस अधिकारियों पर जुर्माना लगाया।