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सनराइज ओवर अयोध्या: विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद नरसिंहराव ने कैबिनेट से लगाई थी सहानुभूति की गुहार, किताब में खुलासा
Sun, 14 Nov 2021 04:13 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 14 Nov 2021 04:13 PM IST
सार
इस किस्से का जिक्र वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की नई किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन अवर टाइम्स' में किया गया है।
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पूर्व पीएम नरसिम्हा राव
- फोटो : Social media
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विस्तार
पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की विवादित बुक 'सनराइज ओवर अयोध्या' में कहा गया है कि जिस दिन (6 दिसंबर 1992 को) अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाया गया उसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी। इसमें तत्कालीन पीएम पीवी नरसिंहराव से मंत्रियों ने पूछा कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं, इस पर राव ने उनसे उनके प्रति सहानुभूति बरतने की गुहार लगाई थी।
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खुर्शीद ने बुक में लिखा कि पीएम नरसिंहराव ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से कहा था कि मुझे आपकी सहानुभूति की जरूरत हैं आप मुझे बख्श दीजिए। इस किस्से का जिक्र वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की नई किताब 'सनराइज ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन अवर टाइम्स' में किया गया है।
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खुर्शीद ने लिखा कि अयोध्या में सोच से परे हुए घटनाक्रम से लगा तात्कालिक आघात धीरे-धीरे एक तरह सुन्नपन में ढल गया। बाबरी ढांचा रविवार को ढहाया गया था और 7 दिसंबर को संसद भवन के तल मंजिल पर स्थित कक्ष में राव मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। बैठक में सभी उदास थे और सभी के चेहरे पर एक उदासी छाई हुई थी।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने 7 दिसंबर 1992 की इस बैठक को याद करते हुए लिखा, 'अधिकांश मंत्रियों के पास बहुत कहने को था, यह समझा जा सकता था, लेकिन माधव राव सिंधिया ने सबसे पहले पूछा, 'हम सब पीएम नरसिंहराव के बारे में कैसा सोचते हैं?' खुर्शीद ने लिखा कि इस पर परेशान पीएम नरसिंहराव के जवाब ने मुझे हैरान कर दिया। राव ने कहा, 'कृपया आप मेरे प्रति सहानुभूति बरतें।'
खुर्शीद का कहना है कि नरसिंहराव की इस प्रतिक्रिया के बाद, इस विषय पर आगे चर्चा करने का कोई अर्थ नहीं बचा था और राव कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई। ढांचा ढहाए जाने के बाद कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार को छह दिसंबर को ही बर्खास्त कर दिया गया था। उसके एक हफ्ते बाद कैबिनेट की सलाह पर हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकारों को भी राष्ट्रपति ने बर्खास्त कर दिया था।