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जलवायु परिवर्तन: साल 2050 तक डूब जाएगी 70 फीसदी दक्षिण मुंबई
Sat, 28 Aug 2021 03:17 AM IST
Jeet Kumar
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई।
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 28 Aug 2021 03:17 AM IST
सार
कोलाबा, सैंडहर्स्ट रोड, कालबादेवी, नरीमनप्वाइंट व ग्रांट रोड का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब सकता है। वहीं, सबसे पॉश इलाका माना जाने वाला कफ परेड का 80 प्रतिशत क्षेत्र समुद्र में समा सकता है।
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मुंबई में बारिश
- फोटो : PTI
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विस्तार
मुंबई पर जलवायु परिवर्तन का सबसे गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो साल 2050 तक दक्षिण मुंबई का 70 फीसदी हिस्सा पानी-पानी हो जाएगा। यह आशंका खुद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने जताई है।
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उन्होंने शुक्रवार को यह चेतावनी दी कि इससे कोलाबा, सैंडहर्स्ट रोड, कालबादेवी, नरीमनप्वाइंट व ग्रांट रोड का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूब सकता है। वहीं, सबसे पॉश इलाका माना जाने वाला कफ परेड का 80 प्रतिशत क्षेत्र समुद्र में समा सकता है।
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बीएमसी कमिश्नर चहल ने कहा कि पिछले 15 महीने में मुंबई में तीन बार साइक्लोन आ चुका है। साल 1891 के बाद 3 जून 2020 को पहली बार मुंबई में निसर्ग तूफान आया था, जिससे काफी नुकसान हुआ था। उसके बाद मुंबई दो और साइक्लोन का सामना कर चुकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जलवाई परिवर्तन का मुंबई पर कितना बुरा असर पड़ रहा है।
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