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8 जुलाई को पत्नी संग भारत आएंगे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून, पीएम मोदी से करेंगे वार्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:57 AM IST
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South Korean President Moon Jae-In
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दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन 8 से 11 जुलाई के दौरान भारत यात्रा पर रहेंगे। यह उनकी पहली भारत यात्रा है। यात्रा के दौरान मून के साथ उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगी, अधिकारी और उद्योग जगत की कई जानी-मानी हस्तियां भी होंगी। वहीं दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की पत्नी और फर्स्ट लेडी किम जोंग सुक भी उनके साथ होंगी।
भारत स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति मून 8 जुलाई की शाम तक नई दिल्ली पहुंचेंगे और अगली सुबह वे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मिलेंगे। उसके बाद वह भारत-कोरिया बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। उसी दिन मून प्रधानमंत्री मोदी के साथ गांधी स्मृति भी जाएंगे, जिसके बाद दोनों नोएडा के सेक्टर 81 स्थित सैमसंग कंपनी के प्लांट का भी दौरा करेंगे।
दूतावास के मुताबिक 10 जुलाई की सुबह राष्ट्रपति मून का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मून के बीच हैदराबाद हाउस में अधिकारिक वार्ता होगी। लंच के बाद दोनों नेता भारत-रिपब्लिक ऑफ कोरिया के सीईओ बैठक को भी संबोधित करेंगे, जिसमें कुछ समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। 10 जुलाई की शाम को ऱाष्ट्रपति मून भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे, जिसके बाद मून और उनका प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में उनके स्वागत में आयोजित भोज में शामिल होंगे। राष्ट्रपति मून 11 जुलाई की सुबह दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो जाएंगे।
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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मई 2015 में रिपब्लिक ऑफ कोरिया का दौरा किया था। इस यात्रा में उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के तहत आगे बढ़ाया था। तभी से दोनों देशों के बीच संबंध कई क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। भारत-दक्षिण कोरिया के बीच एक मजबूत साझेदारी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का विस्तार है। राष्ट्रपति मून की 'नई दक्षिणी रणनीति' के तहत, रिपब्लिक ऑफ कोरिया बाहर के देशों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है और भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वहीं दक्षिण कोरिया को उम्मीद है कि इस यात्रा से एक नई साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा और विशेष रूप से आर्थिक मामलों में नए रास्ते खुलेंगे। रिपब्लिक ऑफ कोरिया एक अहम आर्थिक भागीदार है और पिछले साल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 20 बिलियन अमरीकी डालर से भी ज्यादा का हो चुका है। वहीं कोरियाई ब्रांड पहले से ही भारत में मजबूत स्थिति में हैं, साथ ही कोरिया मोदी की मेक इन इंडिया, 'स्किल इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', 'स्टार्ट-अप इंडिया' जैसी कई प्रमुख योजनाओं में भी महत्वपूर्ण साझेदारी कर रहा है।
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भारत स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति मून 8 जुलाई की शाम तक नई दिल्ली पहुंचेंगे और अगली सुबह वे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मिलेंगे। उसके बाद वह भारत-कोरिया बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। उसी दिन मून प्रधानमंत्री मोदी के साथ गांधी स्मृति भी जाएंगे, जिसके बाद दोनों नोएडा के सेक्टर 81 स्थित सैमसंग कंपनी के प्लांट का भी दौरा करेंगे।
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दूतावास के मुताबिक 10 जुलाई की सुबह राष्ट्रपति मून का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मून के बीच हैदराबाद हाउस में अधिकारिक वार्ता होगी। लंच के बाद दोनों नेता भारत-रिपब्लिक ऑफ कोरिया के सीईओ बैठक को भी संबोधित करेंगे, जिसमें कुछ समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। 10 जुलाई की शाम को ऱाष्ट्रपति मून भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे, जिसके बाद मून और उनका प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में उनके स्वागत में आयोजित भोज में शामिल होंगे। राष्ट्रपति मून 11 जुलाई की सुबह दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो जाएंगे।
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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मई 2015 में रिपब्लिक ऑफ कोरिया का दौरा किया था। इस यात्रा में उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के तहत आगे बढ़ाया था। तभी से दोनों देशों के बीच संबंध कई क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। भारत-दक्षिण कोरिया के बीच एक मजबूत साझेदारी 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का विस्तार है। राष्ट्रपति मून की 'नई दक्षिणी रणनीति' के तहत, रिपब्लिक ऑफ कोरिया बाहर के देशों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है और भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वहीं दक्षिण कोरिया को उम्मीद है कि इस यात्रा से एक नई साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा और विशेष रूप से आर्थिक मामलों में नए रास्ते खुलेंगे। रिपब्लिक ऑफ कोरिया एक अहम आर्थिक भागीदार है और पिछले साल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 20 बिलियन अमरीकी डालर से भी ज्यादा का हो चुका है। वहीं कोरियाई ब्रांड पहले से ही भारत में मजबूत स्थिति में हैं, साथ ही कोरिया मोदी की मेक इन इंडिया, 'स्किल इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', 'स्टार्ट-अप इंडिया' जैसी कई प्रमुख योजनाओं में भी महत्वपूर्ण साझेदारी कर रहा है।