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एसओपी : भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ जांच से पहले मंजूरी की प्रक्रिया तय, कार्मिक मंत्रालय ने जारी किया आदेश

Mon, 06 Sep 2021 11:13 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 06 Sep 2021 11:13 PM IST
सार

भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ जांच के लिए मंजूरी मांगने में जांच एजेंसियों को अब परेशानी नहीं आएगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया तय कर दी है।  
 

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SOP: Process of approval fixed before investigation against corrupt public servants, an order issued by Ministry of Personnel
सांकेतिक चित्र

विस्तार

केंद्र सरकार ने भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ कोई भी जांच से पहले अनिवार्य पूर्व अनुमति मांगने की मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी कर दी हैं। यह आदेश कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। इससे पुलिस या अन्य एजेंसियों को जांच से पहले अनुमति मांगने में आसानी होगी। 

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इसके साथ ही तीस साल से अधिक पुराने भ्रष्टाचार रोकथाम (पीसी) अधिनियम, 1988 में जुलाई 2018 में हुए एक संशोधन में किसी भी पुलिस अधिकारी के कथित रूप से किसी लोक सेवक द्वारा किए गए अपराध के मामले में अधिकारियों की पूर्व मंजूरी के बिना जांच या पूछताछ करने पर रोक लगाई गई है। संशोधन प्रभाव में आने के तीन साल से भी अधिक समय बाद पूर्व अनुमति की प्रक्रिया के एकसमान तथा प्रभावी क्रियान्वयन के मद्देनजर प्रक्रियाओं के मानकीकरण के लिए एसओपी जारी की गई। 
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केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के सचिवों को जारी आदेश में कहा गया कि इन एसओपी में किसी पुलिस अधिकारी द्वारा प्राप्त सूचना की चरणबद्ध प्रक्रिया का प्रावधान है। इसमें पूर्व अनुमति मांगने के लिए पुलिस अधिकारी के दर्जे का भी उल्लेख है। 
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जांच एजेंसियों के अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों तथा विभागों समेत सभी प्रशासनिक प्राधिकारों को एसओपी का सख्ती से अनुपालन करने को कहा गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक के साथ एसओपी को साझा किया गया है और कहा गया है कि सभी क्षेत्रीय इकाइयों को इन एसओपी के कड़ाई से पालन की जानकारी हो।


इन मामलों में पुलिस महानिदेशक से लेनी होगी अनुमति 
मंत्री, सांसद, राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायक, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज और सार्वजनिक क्षेत्र के किसी उपक्रम के अध्यक्ष व प्रबंधन निदेशक और सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के बोर्ड स्तर के अधिकारियों के मामले में पुलिस महानिदेशक और उनके समकक्ष पुलिस अधिकारी से पहले अनुमति लेनी होगी।

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