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सोनिया गांधी ने बताया कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए क्या हैं भविष्य की चुनौतियां

Sun, 18 Mar 2018 09:24 AM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 18 Mar 2018 09:24 AM IST
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Sonia Gandhi talk about Rahul Gandhi challenges in congress plenary session

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने पार्टी के नए अध्यक्ष राहुल गांधी को उनकी चुनौतियां बताई। सोनिया ने एक-एक कर चुनौतियों को बताया और देश के सामने मौजूद चुनौतियों को भी बताया। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं को अपने राजनीति में आने, होने और चुनौतियों से जूझने का मतलब भी समझाया।

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बेहद सधे अंदाज में सोनिया ने बताने की कोशिश की कि जब 70 के दशक में कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई से जूझ रही थी तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने चिकमंगलूर से अभियान शुरू करके पार्टी को मजबूती दी थी। 
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चुनौतियों का सामना करके कांग्रेस को मजबूत बनाया था। ठीक इसी तरह से 90 के दशक में पार्टी एक बार फिर झंझावातों से जूझी। पार्टी का ग्राफ गिरना शुरू हुआ। पार्टी के सामने अपनी पहचान बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई और ऐसे समय में सार्वजनिक जीवन में राजनीति से परहेज करने वाली सोनिया गांधी को पार्टी की कमान संभालने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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मजबूर होना पड़ा
सोनिया ने साफ कहा कि वह राजनीति में नहीं आना चाहती थी। लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। बुनियादी उसूल खतरे में हैं। तब कांग्रेस जनों की भावनाओं का कद्र करते हुए उन्होंने पार्टी के नेतृत्व को संभाला। 

उन्होंने कार्यकर्ताओं, नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप में से एक-एक के समर्थन, सहयोग ने हमें शक्ति दी। हमने 1998 से अच्छा सफर तय किया। राज्यों और केन्द्र में पार्टी की सरकार बनाई। केन्द्र में डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में शानदार काम किया। हमें 2009 में 2004 के लोकसभा चुनाव से बड़ा जनादेश मिला।

राहुल जी को बधाई, उनका स्वागत अभिनंदन

Sonia Gandhi talk about Rahul Gandhi challenges in congress plenary session
sonia rahul

सोनिया गांधी की राजनीतिक सोच, समझ का अंदाजा उनके संबोधन को शुरू करने और उसे समाप्त करने की पंक्तियों से लगता है। उन्होंने डायस पर आते ही कहा, सबसे पहले हमारे नए अध्यक्ष राहुल गांधी जी को बधाई देना चाहती हूं। 

मैं उनका अभिनंदन करती हूं और उन्हें शुभकामनाएं देती हूं। उन्होंने बहुत चुनौतीपूर्ण समय में कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली है। हम सभी को उनके नेतृत्व में पूरी तरह से मिलजुलकर एकजुट होकर सामूहिक तौर पर काम करना चाहिए। यह समय अपने निजी अहम और आकांक्षओं के बारे में सोचने का नहीं है। यह समय तो देखने का है कि हममें से प्रत्येक एकजुट होकर पार्टी के लिए क्या-क्या कर सकता है? आज तो केवल एक ही बात मायने रखती है कि कैसे पार्टी को जीत दिलाई जा सके। पार्टी की जीत देश की जीत है। यह हम सभी की जीत होगी।

कैसी हो कांग्रेस
सोनिया गांधी ने राहुल गांधी का जमीन और आसमान दोनों का नक्शा खींचा। उन्होंने कहा कि नए अध्यक्ष के नेतृत्व में वह पार्टी बने जो एक बार फिर देश का बुनियादी एजेंडा तय करे। ऐसी पार्टी (कांग्रेस) बने जो विविधता वाले अपने देश में विविधता से भरे समाज के सभी वर्गों की नुमाइंदगी करे। देश के राजनीतिक और सार्वजनिक संवाद की सूत्रधार बने। 

सोनिया गांधी की यह आंकाक्षा जहां राहुल गांधी का मार्गदर्शन करती नजर आ रही है, वहीं उनके सामने वह जटिल चुनौती खड़ी करते हुए उन्हें बतौर अध्यक्ष की पूर्ण स्वतंत्रता भी देती नजर आ रही हैं।

आंतरिक चुनौती के बाद सोनिया गांधी ने राहुल गांधी को वाह्य चुनौती का भी ध्यान कराया। केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा यूपीए सरकार के समय की अच्छी योजनाओं, कार्यक्रमों को कमजोर करने का आरोप लगाया। कहा पिछले चार साल से केन्द्र सरकार कांग्रेस को बर्बाद करने के लिए साम, दाम, दंड, भेद का खुला खेल रही है। 

केन्द्र सरकार सत्ता के अहंकार के नशे में चूर है। सरकार संविधान की उपेक्षा, संसद की उपेक्षा कर रही है। विभाजनकारी नीति पर चल रही है, मीडिया को प्रताड़ित कर रही है। प्रतिशोध की भावना से लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसा रही है। कांग्रेस ने इस दौरान सरकार के झूठे, फर्जी दावों, भ्रष्टाचार के सबूतों के साथ भंडाफोड़ किया है।

सोनिया ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और हम सबको डटकर ऐसी चुनौतियों का मुकाबला करना होगा। हमें एक ऐसा भारत बनाने के लिए संघर्ष करना है, जो सत्ता के भय और इसकी मनमानी से मुक्त हो। जिसमें हर व्यक्ति के जीवन की गरिमा हो। पक्षपात मुक्त भारत। प्रतिशोध मुक्त भारत। हा-हाकार मुक्त भारत। इसके लिए कांग्रेस जनों को उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष के नेतृत्व में एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।

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