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श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर 'सस्ती राजनीति' न करें सोनिया गांधी: रेलवे संघ
Thu, 07 May 2020 07:06 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Thu, 07 May 2020 07:06 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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अखिल भारतीय रेलवे के महासंघ ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपील की कि वे श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के किराए पर सस्ती राजनीति न करें। उन्होंने कहा कि स्टेशनों पर भीड़ को रोकने के लिए रेलवे ने पैसे वसूले।
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सोनिया गांधी को लिखे एक पत्र में, रेलवे के सबसे बड़े कर्मचारी संघ ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान यात्रा करना खतरनाक है, लेकिन रेलवे कर्मचारी अपनी मेहनत से इसे संभव बना रहे हैं।
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एआईआरएफ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र में कहा, "मैं अनुरोध करता हूं छोटी राजनीतिक फायदे के लिए एक अच्छी प्रणाली को अस्थिर नहीं किया जाए, जो 115 स्पेशल ट्रेनों के जरिए प्रवासी मजदूरों को वापस घरों की ओर ले जा रही है।"
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उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने से कोरोना वायरस फैल सकता है।
रेलवे ने देश के कई हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों को वापस उनके घरों की ओर ले जाने के लिए एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की शुरुआत की। इस दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर ट्रेन यात्रा के लिए मजदूरों से पैसे वसूलने का आरोप लगाया।
हालांकि, सरकार की तरफ से बताया गया कि 85 प्रतिशत किराया रेलवे की तरफ से वहन किया जा रहा है और शेष 15 प्रतिशत राज्य सरकार की तरफ से वहन किया जा रहा है, जिसके अनुरोध पर एक ट्रेन चलाई जा रही है।
बता दें कि भारतीय रेलवे ने गुरुवार को कहा कि उसने 1 मई से अब तक 163 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। दावा किया गया है कि इस दौरान लॉकडाउन में फंसे 1.60 लाख प्रवासी मजदूरों ने इन ट्रेनों में यात्रा की है।
रेलवे ने बताया कि उसने बुधवार को 56 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाईं। वहीं, गुरुवार को 14 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाईं गईं। कुल मिलाकर अब तक 163 तक ट्रेनें प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई गई हैं।