{"_id":"611f11fdd548f814df79b3fd","slug":"sonia-gandhi-held-15-opposition-parties-meeting-mamata-stalin-uddhav-to-join-no-invite-to-aap-and-bsp","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोर्चाबंदी: सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ 15 दलों की आज बुलाई बैठक, आप और बसपा को न्योता नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मोर्चाबंदी: सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ 15 दलों की आज बुलाई बैठक, आप और बसपा को न्योता नहीं
Fri, 20 Aug 2021 07:59 AM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Fri, 20 Aug 2021 07:59 AM IST
सार
हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल में तीसरी बार चुनाव जीतने के बाद दिल्ली आई थीं। इस दौरान ममता ने सोनिया गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात कर विपक्षी एकता का संदेश दिया था। इसी कड़ी में सोनिया गांधी की अगुआई में आज 15 विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही है।
विज्ञापन
सोनिया गांधी और ममता बनर्जी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केंद्र के खिलाफ विपक्षी एकजुटता दिखाने के लिए आज कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में बैठक बुलाई गई है। बैठक में 15 दल शामिल होंगे। बैठक शाम पांच बजे वर्चुअली तौर पर आयोजित होगी। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार समेत विपक्षी दलों के बड़े नेता इस बैठक शामिल होंगे। हालांकि, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को इस बैठक के लिए न्योता नहीं भेजा गया है।
विज्ञापन
दरअसल, इसी महीने की शुरुआत में ममता बनर्जी का दिल्ली दौरा हुआ था, दिल्ली दौरे के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी समेत कई अन्य नेताओं से मुलाकात की थी। विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर ममता बनर्जी ने केंद्र को बता दिया था कि विपक्ष इतना कमजोर नहीं है, जितना सरकार समझ रही है। ममता- सोनिया की मुलाकात ने यह साफ कर दिया था कि विपक्षी दल अगामी लोकसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन
विपक्षी एकता को मजबूत करना है मकसद
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी एकता को और मजबूत करना है। साथ ही हाल ही में मानसून सत्र के दौरान सदन में पेगासस कांड, किसान आंदोलन, महंगाई समेत अन्य मुद्दों को लेकर जिस तरह विपक्ष ने सरकार को घेरा उससे भी मोदी और भाजपा विरोधी दल एक दूसरे के पास आए। विपक्षी हंगामा के चलते सदन की कार्यवाही लगातार बाधित रही। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों में इसको लेकर एक बेहतर समन्वय स्थापित हुआ। वहीं, राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष का नया कलेवर देखने को मिला। इसके अलावा दोनों सदनों में विपक्ष को एकजुट करने में राहुल गांधी की उपस्थिति भी अहम रही।
विज्ञापन