{"_id":"5970d0694f1c1bbc5a8b4573","slug":"some-interesting-facts-about-the-presidential-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति चुनाव के कुछ दिलचस्प तथ्य, जो शायद ही आप जानते होंगे!","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
राष्ट्रपति चुनाव के कुछ दिलचस्प तथ्य, जो शायद ही आप जानते होंगे!
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 20 Jul 2017 09:19 PM IST
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देश 14वें राष्ट्रपति के तौर पर एनडीए के रामनाथ कोविंद आगामी 25 जुलाई को शपथ लेंगे। आपको बतातें हैं अब तक हुए राष्ट्रपति चुनाव व अब तक चुने के गए राष्ट्रपतियों के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य।
- रामनाथ कोविंद देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले 1997 में केआर नारायणन ने बतौर दलित उम्मीदवार जीत हासिल की थी।
- पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेता इस पद पर बैठेंगे। अब तक के 13 राष्ट्रपतियों में से छह कांग्रेस पार्टी से थे और एक जनता पार्टी से (नीलम संजीव रेड्डी)
- पहली बार विशेष सीरीज के बैंगनी स्याही वाले पेन का इस्तेमाल किया गया। 2016 में हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान स्याही विवाद के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सांसदों एवं विधायकों को अपना पेन लाने की अनुमति नहीं दी
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- पहली बार दो रंग के मतपत्रों का प्रयोग हुआ। सांसदों के लिए हरे और विधायकों के लिए गुलाबी रंग के मतपत्र इस्तेमाल किए गए।
- 1969 में इस पद के लिए सबसे ज्यादा नजदीकी चुनाव हुआ। पहली बार दूसरी वरीयता के वोट गिनने की नौबत आई थी। जीत वीवी गिरी की हुई थी।
- गिरी पहले कार्यकारी राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति जाकिर हुसैन की मृत्यु के बाद शपथ दिलाई गई थी। वे पहले व्यक्ति हैं जो कार्यकारी राष्ट्रपति और राष्ट्रपति दोनों पदों पर रहे।
- जाकिर हुसैन के अलावा फखरूद्दीन अहमद दूसरे ऐसे राष्ट्रपति थे जो कार्यकाल पूरा करने से पहले ही स्वर्गवासी हो गए।
- नीलम संजीव रेड्डी स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति थे जिन्हें निर्विरोध चुना गया था। हालांकि उनके खिलाफ 36 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था लेकिन वे सभी खारिज हो गए थे।
- रेड्डी एकमात्र मुख्यमंत्री थे जो इस पद के लिए चुने गए। वे आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे। वे पहले लोकसभा अध्यक्ष थे जो इस पद के लिए चुने गए।
- एपीजे अब्दुल कलाम पहले वैज्ञानिक थे जो राष्ट्रपति बने
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने लगातार दो बार इस पद को सुशोभित किया।
- प्रतिभा देवीसिंह पाटिल देश की पहली और एकमात्र महिला राष्ट्रपति थी।
- मोहम्मद हिदायतुल्ला इस पद पर चुने गए एकमात्र चीफ जस्टिस थे
- चार राष्ट्रपति भारत रत्न से नवाजे जा चुके हैं। ये हैं: एस राधाकृष्णन (1954), डॉ. राजेंद्र प्रसाद (1962), जाकिर हुसैन (1963) और एपीजे अब्दुल कलाम (1997)
- राष्ट्रपति भवन को आजादी से पहले वायसराय हाऊस कहा जाता था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समय इसका नाम राष्ट्रपति भवन रखा गया।
अगंभीर उम्मीदवारों को दूर रखने के लिए बदला नियम
- 1967 के राष्ट्रपति चुनाव में सबसे ज्यादा 17 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से नौ को एक भी वोट नहीं मिला था जबकि चार को 250-250 से भी कम वोट मिले थे।
- दो साल बाद जाकिर हुसैन की मृत्यु के कारण 1969 में हुए चुनाव में 15 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था। उनमें से पांच को एक भी मत नहीं मिला था।
- इसके बाद ही उम्मीदवारी के नियम सख्त किए गए ताकि अगंभीर लोगों को मैदान में उतरने से रोका जा सके। 1974 में तय किया गया कि प्रस्तावक के रूप में 10 जनप्रतिनिधि और समर्थक के रूप में 10 जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के बाद ही किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने दिया जाएगा।
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- रामनाथ कोविंद देश के दूसरे दलित राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले 1997 में केआर नारायणन ने बतौर दलित उम्मीदवार जीत हासिल की थी।
- पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेता इस पद पर बैठेंगे। अब तक के 13 राष्ट्रपतियों में से छह कांग्रेस पार्टी से थे और एक जनता पार्टी से (नीलम संजीव रेड्डी)
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- पहली बार विशेष सीरीज के बैंगनी स्याही वाले पेन का इस्तेमाल किया गया। 2016 में हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान स्याही विवाद के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सांसदों एवं विधायकों को अपना पेन लाने की अनुमति नहीं दी
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- पहली बार दो रंग के मतपत्रों का प्रयोग हुआ। सांसदों के लिए हरे और विधायकों के लिए गुलाबी रंग के मतपत्र इस्तेमाल किए गए।
- 1969 में इस पद के लिए सबसे ज्यादा नजदीकी चुनाव हुआ। पहली बार दूसरी वरीयता के वोट गिनने की नौबत आई थी। जीत वीवी गिरी की हुई थी।
- गिरी पहले कार्यकारी राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति जाकिर हुसैन की मृत्यु के बाद शपथ दिलाई गई थी। वे पहले व्यक्ति हैं जो कार्यकारी राष्ट्रपति और राष्ट्रपति दोनों पदों पर रहे।
- जाकिर हुसैन के अलावा फखरूद्दीन अहमद दूसरे ऐसे राष्ट्रपति थे जो कार्यकाल पूरा करने से पहले ही स्वर्गवासी हो गए।
- नीलम संजीव रेड्डी स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति थे जिन्हें निर्विरोध चुना गया था। हालांकि उनके खिलाफ 36 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था लेकिन वे सभी खारिज हो गए थे।
- रेड्डी एकमात्र मुख्यमंत्री थे जो इस पद के लिए चुने गए। वे आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे। वे पहले लोकसभा अध्यक्ष थे जो इस पद के लिए चुने गए।
- एपीजे अब्दुल कलाम पहले वैज्ञानिक थे जो राष्ट्रपति बने
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने लगातार दो बार इस पद को सुशोभित किया।
- प्रतिभा देवीसिंह पाटिल देश की पहली और एकमात्र महिला राष्ट्रपति थी।
- मोहम्मद हिदायतुल्ला इस पद पर चुने गए एकमात्र चीफ जस्टिस थे
- चार राष्ट्रपति भारत रत्न से नवाजे जा चुके हैं। ये हैं: एस राधाकृष्णन (1954), डॉ. राजेंद्र प्रसाद (1962), जाकिर हुसैन (1963) और एपीजे अब्दुल कलाम (1997)
- राष्ट्रपति भवन को आजादी से पहले वायसराय हाऊस कहा जाता था। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समय इसका नाम राष्ट्रपति भवन रखा गया।
अगंभीर उम्मीदवारों को दूर रखने के लिए बदला नियम
- 1967 के राष्ट्रपति चुनाव में सबसे ज्यादा 17 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से नौ को एक भी वोट नहीं मिला था जबकि चार को 250-250 से भी कम वोट मिले थे।
- दो साल बाद जाकिर हुसैन की मृत्यु के कारण 1969 में हुए चुनाव में 15 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था। उनमें से पांच को एक भी मत नहीं मिला था।
- इसके बाद ही उम्मीदवारी के नियम सख्त किए गए ताकि अगंभीर लोगों को मैदान में उतरने से रोका जा सके। 1974 में तय किया गया कि प्रस्तावक के रूप में 10 जनप्रतिनिधि और समर्थक के रूप में 10 जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के बाद ही किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने दिया जाएगा।