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Naga Hoho: 'नगा शांति वार्ता का समाधान लोगों की उम्मीदों से परे', यूसीसी पर केंद्र सरकार करे पुनर्विचार
Wed, 05 Jul 2023 02:09 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 05 Jul 2023 02:09 AM IST
सार
आदिवासी संगठनों की शीर्ष संस्था नागा होहो के महासचिव केएलु एनडांग ने कहा, मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा हैं। इन नौ सालों में मोदी कार्यकाल के दौरान नगा राजनीतिक मुद्दे का समाधान नहीं हो पाया है।
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नगालैंड हिंसा
- फोटो : Social media
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विस्तार
नगा होहो ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के नौ साल पूरे होने पर जश्न मनाना "सबसे उपयुक्त" होता अगर मणिपुर में शांति वार्ता में सफलता मिलती और हिंसा बहाल होती।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और नागालैंड के आदिवासी संगठनों की शीर्ष संस्था नगा होहो के महासचिव केएलु एनडांग ने कहा, मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा हैं। इन नौ सालों में मोदी कार्यकाल के दौरान नगा राजनीतिक मुद्दे का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, लोग इस राजनीतिक समझौते की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन यह उनकी उम्मीदों से परे दिख रहा है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर टिप्पणी करते हुए एनडांग ने केंद्र से इसे सामान्य रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र और विशेष रूप से नगालैंड में लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा, यूसीसी नगा लोगों या बड़े पैमाने पर आदिवासियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है, लेकिन इसका असर नगा लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।
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एनडांग ने लोगों से मणिपुर में शांति के लिए आगे आने का भी आग्रह किया, जहां मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी हिंसा में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा, पड़ोसी राज्य होने की वजह से हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपना समर्थन और एकजुटता बढ़ाएं और शांति बहाली का प्रयास कराएं।
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अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और नागालैंड के आदिवासी संगठनों की शीर्ष संस्था नगा होहो के महासचिव केएलु एनडांग ने कहा, मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा हैं। इन नौ सालों में मोदी कार्यकाल के दौरान नगा राजनीतिक मुद्दे का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, लोग इस राजनीतिक समझौते की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन यह उनकी उम्मीदों से परे दिख रहा है।
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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर टिप्पणी करते हुए एनडांग ने केंद्र से इसे सामान्य रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र और विशेष रूप से नगालैंड में लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा, यूसीसी नगा लोगों या बड़े पैमाने पर आदिवासियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है, लेकिन इसका असर नगा लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।
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एनडांग ने लोगों से मणिपुर में शांति के लिए आगे आने का भी आग्रह किया, जहां मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी हिंसा में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा, पड़ोसी राज्य होने की वजह से हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपना समर्थन और एकजुटता बढ़ाएं और शांति बहाली का प्रयास कराएं।