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महाराष्ट्र: मजदूर के बेटे को यूपीएससी में मिला 8वां स्थान, गांव वालों ने कंधे पर बैठा निकाला जुलूस
Mon, 08 Feb 2021 02:37 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलापुर
Published by: कुमार संभव
Updated Mon, 08 Feb 2021 02:37 PM IST
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अपने माता-पिता के साथ शरण कांबले (शर्ट में)
- फोटो : सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र के सोलापुर में रहने वाले एक मजदूर के बेटे ने कामयाबी की नई इबारत लिख दी है। दरअसल, उसने सिविस सर्विसेज परीक्षा यानी यूपीएससी में आठवां स्थान हासिल किया है। मजदूर के बेटे की इस कामयाबी पर गांव के लोग भी बेहद खुश हुए। उन्होंने बच्चे को कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला।
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पिता करते हैं मजदूरी, मां बेचती सब्जी
अपनी मेहनत से मिसाल कायम करने वाले इस बच्चे का नाम शरण कांबले है। शरण ने न सिर्फ यूपीएससी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की, बल्कि देशभर में 8वां स्थान भी हासिल किया। शरण की इस सफलता पर गांववाले भी बेहद खुश हैं। रविवार (7 फरवरी) रात उन्होंने बारशी तहसील में जुलूस निकाला और पूरे रास्ते शरण को बंधे पर बैठाए रखा।
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शरण ने सुनाई अपनी दास्तां
शरण ने बताया कि उनका घर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। जैसे-तैसे घर चलता है। शरण ने अपनी जिंदगी में कई बार ऐसे दिन भी देखे, जब उनका पूरा परिवार भूखे पेट सोया। हालांकि, शरण का मन बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में लगता था। ऐसे में माता-पिता भी उनका सपना पूरा करने में जुट गए।
मां-पिता ने ऐसे जुटाए पैसे
शरण बताते हैं कि उनकी पढ़ाई न रुके, इसके लिए मां सब्जियां बेचती थीं। वहीं, पिता खेत में मजदूरी करते थे। शरण कहते हैं कि मेरे माता-पिता की कड़ी मेहनत और शिक्षा दिलाने के संकल्प के चलते ही मेरे बड़े भाई ने भी बीटेक किया। इसके बाद आर्थिक स्थिति सुधरी तो शरण को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली भेजा गया।
माता-पिता ने कही यह बात
शरण की सफलता पर पिता गोपीनाथ और मां सुदामती कांबले बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मेरा बेटा कहां तक पढ़ा और उसने क्या-क्या पढ़ा? हालांकि, मैं यह जरूर जानता हूं कि अब वह मास्टर बन गया है। उनका मानना है कि परिवर्तन के चमत्कार सिर्फ शिक्षा के माध्यम से हो सकते हैं, जिसे उनके बेटे ने हकीकत में बदल दिया।