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'आज के छात्र, भविष्य के जनप्रतिनिधि': महाराष्ट्र में 'एक दिन के सरपंच' की पहल, युवा सीख रहे लोकतंत्र की बारीकी

Sun, 07 Jun 2026 09:51 AM IST
अमन तिवारी पीटीआई, सोलापुर
पीटीआई, सोलापुर Published by: अमन तिवारी Updated Sun, 07 Jun 2026 09:51 AM IST
सार

सोलापुर में मेधावी छात्रों को एक दिन का सरपंच बनाकर शासन की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। 'आज का छात्र, कल का जन प्रतिनिधि' पहल के तहत बच्चे गांव की समस्याओं पर सुझाव दे रहे हैं। प्रशासन इन सुझावों को लागू कर बच्चों से ही उनका उद्घाटन कराएगा।

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solapur child sarpanch initiative maharashtra meritorious students panchayat leadership program
एक दिन के सरपंच - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक अनोखी पहल शुरू हुई है। यहां मेधावी छात्रों को एक दिन के लिए गांव का सरपंच बनाया जा रहा है। इस पहल का मकसद बच्चों को जमीनी स्तर पर शासन चलाने का अनुभव देना और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।
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दक्षिण सोलापुर पंचायत समिति ने चार जून को यह कार्यक्रम शुरू किया। इस पहल का मुख्य नारा 'आज का छात्र, कल का जन प्रतिनिधि' रखा गया है। इसके तहत उन छात्रों को मौका दिया गया जिन्होंने पांचवीं और आठवीं कक्षा की स्कॉलरशिप परीक्षा और नवोदय प्रवेश परीक्षा में बेहतरीन अंक हासिल किए हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि मांड्रुप, वलसांग, खानापुर, अंत्रोली और निंबार्गी जैसे गांवों के कुल 13 छात्रों को एक दिन का सरपंच नियुक्त किया गया। दक्षिण सोलापुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) मनोज राउत ने जानकारी दी कि इन बच्चों का गांव में भव्य स्वागत किया गया। उन्हें सम्मान के साथ सरपंच की कुर्सी पर बिठाया गया। इस दौरान उनके माता-पिता और अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया।
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अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इन बाल सरपंचों ने गांव के स्कूलों, आंगनबाड़ियों और स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया। प्रशासन ने उन्हें गांव के विकास के लिए जरूरी फैसले लेने और सुझाव देने की पूरी आजादी दी। छात्रों ने गांव की समस्याओं को करीब से देखा और उनके समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

छात्रों ने स्कूल की टूटी छतों की मरम्मत, नई लाइब्रेरी का निर्माण, खेल के मैदानों का विकास और शौचालयों की बेहतर सुविधा जैसे सुझाव दिए। उन्होंने गांव में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। BDO राउत ने बताया कि इन सभी सुझावों को संबंधित ग्राम पंचायतों को भेजा जाएगा। ग्राम सभा की बैठकों में इन प्रस्तावों पर विचार होगा और इन्हें लागू किया जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि छात्र के सुझाव पर होने वाले विकास कार्य का उद्घाटन वही छात्र करेगा।


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सोलापुर जिला परिषद के सीईओ कौशल जैन ने इस कोशिश की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल को जिले की अन्य तहसीलों में भी शुरू किया जाएगा। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि निर्णय कैसे लिए जाते हैं और समस्याओं का समाधान कैसे होता है। आठवीं कक्षा की छात्रा समृद्धि हुक्केरी ने बताया कि इस अनुभव से उसे गांव की चुनौतियों को समझने का मौका मिला। पंचायत समिति के अध्यक्ष संदीप टेले ने कहा कि इससे शिक्षित युवा राजनीति की ओर आकर्षित होंगे, जिससे देश का लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
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