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धनकुबेर इंजीनियर: पांच इमारतें-14 प्लॉट और करोड़ से ज्यादा कैश बरामद, नोट गिनते-गिनते थके अधिकारी

Sun, 07 Jun 2026 07:28 AM IST
अमन तिवारी पीटीआई, भुवनेश्वर
पीटीआई, भुवनेश्वर Published by: अमन तिवारी Updated Sun, 07 Jun 2026 07:28 AM IST
सार

ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में करोड़ रुपये से अधिक नकद, पांच बहुमंजिला इमारतें, 14 प्लॉट और बड़ी मात्रा में सोना व बैंक जमा का खुलासा हुआ है।

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Massive Assets Discovered in Disproportionate Wealth Probe Against Odisha Engineer
विजिलेंस की कार्रवाई में जब्त कैश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ओडिशा विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक सरकारी इंजीनियर पर बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को हुई इस छापेमारी में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ। विजिलेंस ने कंधमाल जिले के बालीगुडा में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठ नाथ बेहेरा के ठिकानों पर छापे मारे।
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कार्रवाई में क्या हुआ जब्त
जांच के दौरान बेहेरा के पास से दो करोड़ रुपये से ज्यादा का नकद कैश मिला है। इसके साथ ही पांच आलीशान बहुमंजिला इमारतें और 14 कीमती जमीन के प्लॉट भी मिले हैं। विजिलेंस विभाग को 341 ग्राम सोने के गहने और 45 लाख रुपये से ज्यादा के बैंक डिपॉजिट का पता चला है।
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क्या बोले अधिकारी?
अधिकारियों ने बताया कि बेहेरा और उनकी पत्नी के नाम पर कुल चार बैंक लॉकर मिले हैं। इनमें से दो लॉकरों से ही दो करोड़ रुपये से ज्यादा कैश बरामद हुआ। बैंक मशीनों की मदद से नोटों की गिनती अभी चल रही है। विजिलेंस की तकनीकी टीम इमारतों और जमीनों की सही कीमत का पता लगा रही है। साथ ही सोने के गहनों और अन्य निवेशों के कागजात भी जांचे जा रहे हैं।

यह छापेमारी भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर के धर्मशाला और कंधमाल के बालीगुडा में एक साथ की गई। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए विजिलेंस की कई टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में दो एडिशनल एसपी, पांच डीएसपी और छह इंस्पेक्टर के साथ अन्य कर्मचारी शामिल थे। भुवनेश्वर की स्पेशल विजिलेंस कोर्ट ने इन छापों के लिए सर्च वारंट जारी किया था।

6,000 रुपये की नौकरी से हुई थी शुरूआत
विजिलेंस के रिकॉर्ड के अनुसार, बैकुंठ नाथ बेहेरा ने साल 1999 में सरकारी नौकरी शुरू की थी। उस समय वह नबरंगपुर ब्लॉक में जूनियर इंजीनियर थे और उनका वेतन केवल 6,000 रुपये था। इसके बाद उन्होंने नबरंगपुर और उडाला में अलग-अलग पदों पर काम किया। अक्टूबर 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन मिला। इसके बाद फरवरी 2026 (रिकॉर्ड के अनुसार) में वह असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बने और बालीगुडा में उनकी तैनाती हुई।


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अन्य कार्रवाई
एक दूसरी कार्रवाई में विजिलेंस ने कटक जिले के नरसिंहपुर में एक लाइनमैन धर्म निरंजन चौधरी को गिरफ्तार किया। उसने एक किसान के खेत से खराब बिजली का खंभा बदलने के बदले 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस ने उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
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