फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   small industry organization of rss against GST

जीएसटी के विरोध में उतरा संघ का लघु उद्योग संगठन

Sat, 29 Apr 2017 04:32 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट Updated Sat, 29 Apr 2017 04:32 AM IST
विज्ञापन
small industry organization of rss against GST

वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने के लिए मोदी सरकार लगातार आगे बढ़ रही है। मगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लघु उद्योग भारती ने जीएसटी के मौजूदा स्वरूप की मुखालफत कर दी है। 

विज्ञापन


सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्षेत्र में काम कर रहे लघु उद्योग भारती ने कहा है कि लघु उद्योगों को पहले केंद्रीय उत्पाद कर अधिनियम के तहत डेढ़ करोड़ रुपये की छूट मिलती थी। मगर जीएसटी लागू होने के बाद यह छूट खत्म हो जाएगी। संगठन ने सरकार से मांग की है कि वे इसकी भरपाई मुआवजे के तौर पर करे।
विज्ञापन


संगठन ने कहा है कि साल में 20 लाख रुपये तक के कारोबार करने वालों को जीएसटी से छूट देने के प्रावधान से उनको लाभ नहीं मिलेगा। संगठन ने सरकार से मांग की है कि वे सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को मुआवजा दे या फिर दो करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों पर शून्य की दर से जीएसटी लगाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


संगठन ने कहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद कारोबार करने वालों को 35 के करीब रिटर्न भरना पड़ेगा। संगठन चाहता है कि इसकी संख्या घटाकर चार फीसदी कर दी जाए। वहीं जीएसटी के तहत किए गए दंड के प्रावधान को मुश्किलें पैदा करने वाला बताते हुए संगठन ने इसमें छूट देने की मांग की।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश मित्तल ने कहा कि सरकार से संगठन को समाधान की उम्मीद है। सरकार को जीएसटी के मौजूदा स्वरूप को बदलना चाहिए। मित्तल कहते हैं कि नोटबंदी के बाद से छोटे मझोले उद्योगों को थोड़ा बहुत नुकसान हुआ मगर जीएसटी के मौजूदा नियम कानून की वजह से सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

जीएसटी के अलावा संगठन ने लघु उद्योगों को सस्ती ब्याज दर पर बैंकों से कर्ज की सुविधा देने केलिए कहा है। उन्होंने कहा कि जब बैंक घर और कार का कर्ज सस्ते में देते हैं तो लघु उद्योगों को 11 से 12 फीसदी की महंगी ब्याज पर क्यों कर्ज दिया जाता है।


संगठन ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए फैक्ट्री एक्ट लाने की मांग की है। उन्हाेंने कहा कि सरकार के पास यह बिल का मसौदा लंबित पड़ा है। इस बिल को बनाने में भारतीय मजदूर संगठन और लघु उद्योग भारती ने सरकार की मदद की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed