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जांचे जाएंगे देशभर के स्लॉटर हाउस, छोटे पशुओं की हत्या पर लगेगी लगाम बनाए जाएंगे हॉस्टल

Fri, 15 Jun 2018 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Fri, 15 Jun 2018 02:07 AM IST
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slaughterhouse across the country will be checked
अवैध बूचड़खाना (सांकेतिक चित्र)
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वह अपने यहां एक महीने के भीतर आवारा गायों और कुत्तों की समस्या का निवारण करने के लिए हॉस्टल बनवाएं। मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) ने कहा है कि पशु क्रूरता नियंत्रण व रोकथाम के तहत स्लॉटर हाउस में छोटे पशुओं का वध भी नहीं होना चाहिए। इस पर पूरी तरह से रोकथाम के लिए प्रत्येक राज्य में जांच समिति स्लॉटर हाउसों का निरीक्षण करेगी। हाल ही में इस मसले पर एडब्ल्यूबीआई चेयरमैन ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के मुख्य सचिव के साथ बैठक भी की थी। 
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एडब्ल्यूबीआई ने कहा है कि फिल्मों में इस्तेमाल होने वाले पशुओं पर क्रूरता की जांच भी की जाएगी। पशुओं पर आधारित फिल्म को अब एडब्ल्यूबीआई से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए जाने के बाद ही रिलीज किया जा सकेगा। एडब्ल्यूबीआई ने कहा कि पशुओं के चारे को लेकर गोचर भूमि और घास के मैदान भी हॉस्टल में बनाए जाने चाहिए। जिसमें पशुओं के लिए उचित जगह मौजूद हों। 
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हम किसी पर उसके खान-पान की आदत बदलने और मांसाहारी खाना न खाने के लिए समझौता करने जैसा दबाव नहीं बना रहे हैं। छोटे पशुओं का स्लॉटर हाउस में वध पशु क्रूरता है। इसलिए हम छोटे पशुओं को वध से बचाने के लिए सभी स्लॉटर हाउस की जांच करेंगे। 
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एसपी गुप्ता, चेयरमैन, एडब्ल्यूबीआई
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