Vikram-1: रॉकेट व्रिक्रम-1 का अनावरण, मंत्री बोले- स्पेस सेक्टर में अन्य देशों का नेतृत्व करने को तैयार देश
स्काईरूट के सह-संस्थापक और सीओओ भरत डाका ने कहा कि कंपनी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दिन ही विक्रम-1 अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान का अनावरण बहुत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 के निर्माण में हमारी डिजाइन क्षमता और अत्याधुनिक घरेलू तकनीक अभिन्न अंग रही है।
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भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट ने मंगलवार को दक्षिण हैदराबाद के ममीडिपल्ली में जीएमआर एयरोस्पेस और औद्योगिक पार्क में विक्रम-1 रॉकेट का अनावरण किया। विक्रम-1 का निर्माण भारत में किया गया है। यह रॉकेट 300 किलोग्राम पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में ले जाने में सक्षम होगा। इसके साथ ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्काई रूट के नए मुख्यालय 'द मैक्स-क्यू कैंपस' का भी उद्घाटन किया।
इस मौके पर, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब अंतरिक्ष क्षेत्र में अन्य देशों का नेतृत्व करने की स्थिति में है। अब इसे ऐसे देश के रूप में नहीं देखा जा रहा है, जिसका नेतृत्व अन्य देश कर रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने उम्मीद जताई कि स्काईरूट जल्द ही विक्रम-1 ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल का प्रक्षेपण भी करेगी।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री से जब सवाल किया गया कि क्या वह भारत में निजी क्षेत्र के लिए वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का अवसर देखते हैं तो सिंह ने कहा, बिल्कुल वे पहले ही इस काम पर लग चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे अब खुद को केवल लॉन्चिंग तक ही सीमित नहीं रखेंगे। उन्होंने जो प्रतिभा प्रदर्शित की है वह विश्व स्तरीय है।
Watch this thrilling simulation of Vikram 1, our cutting-edge orbital rocket unveiled today by Hon. Union Minister @DrJitendraSingh. With its all-carbon-fiber structure and remarkable capabilities, it can deploy multiple satellites into orbit. Stay tuned for more exciting… pic.twitter.com/ZiRrPaB8dY
— Skyroot Aerospace (@SkyrootA) October 24, 2023
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्काईरूट न केवल भारत की उत्कृष्ट प्रतिभा और वैज्ञानिक कौशल का एक उदाहरण है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक संदेश भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने और अतीत की वर्जनाओं को तोड़ने और भारत के दरवाजे खोलने से पहले कई दशकों तक एक बड़ी क्षमता निष्क्रिय पड़ी थी।
वहीं, स्काईरूट के सह-संस्थापक और सीओओ भरत डाका ने कहा कि कंपनी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दिन ही विक्रम-1 अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान का अनावरण बहुत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 के निर्माण में हमारी डिजाइन क्षमता और अत्याधुनिक घरेलू तकनीक अभिन्न अंग रही है। हम 2024 की शुरुआत में लॉन्च के लिए इसकी तैयारी कर रहे हैं।
बता दें कि विक्रम-1 एक बहु-स्तरीय प्रक्षेपण यान है, जो लगभग 300 किलोग्राम पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में रखने की क्षमता रखता है। पिछले साल 18 नवंबर को विक्रम-एस रॉकेट के सफल प्रक्षेपण के बाद, विक्रम-I को 2024 की शुरुआत में लॉन्च करने की योजना स्काईरूट का दूसरा रॉकेट होगा।