कोरोना काल में बेरोजगारों को स्किल इंडिया ने दिया सहारा, नए क्षेत्रों में ट्रेनिंग से खुले रोजगार के रास्ते
- कोरोना काल में स्किल इंडिया सेंटरों में तेजी से बढ़ी स्किल सीखने वाले युवाओं की संख्या
- पांच सालों में स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत अब तक 92 लाख युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में मिला प्रशिक्षण
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कोरोना काल में भारी संख्या में युवाओं को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इस आपात स्थिति में रिकॉर्ड संख्या में लोगों को मनरेगा योजना के तहत मजदूरी का काम करना पड़ा है।
वहीं, इसी अवधि के दौरान स्किल इंडिया योजना के तहत में भारी संख्या में युवाओं ने अलग-अलग रोजगार स्किल्स सीखने के लिए दाखिला लिया है। फरवरी माह में स्किल सेंटर्स में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं की संख्या मात्र 13,500 थी, तो मार्च में यह संख्या में 30,375 हो गई।
अप्रैल में यह संख्या 49,207 और मई में 72,826 हो गई। जून में इस संख्या में 17 फीसदी और जुलाई में (जून से) 25 फीसदी छात्रों की संख्या बढ़ गई है।
स्किल ट्रेनिंग में कोरोना से लड़ाई भी शामिल
स्किल इंडिया कार्यक्रम की खासियत इसका पारंपरिक नौकरी के दायरे में नहीं फंसना है। समय और जरूरत के हिसाब से युवाओं को नये-नये क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
कोविड काल में किसी जगह पर युवाओं को मास्क बनाना सिखाया जा रहा है, तो कहीं लेबरनेट के माध्यम से वाहनों को कोरोना वायरस के संक्रमण मुक्त करने की विधि भी सिखाई जा रही है।
आने वाले समय में इनकी मांग देखते हुए अनेक युवा इन कार्यक्रमों को सीखकर अपने लिए बाजार में रोजगार खोज पा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन सेंटर्स के युवाओं ने अब तक 70 लाख से ज्यादा मास्क बनाकर बाजार में सप्लाई कर दिया है।
केंद्र सरकार का दावा है कि पिछले पांच साल के दौरान पांच हजार से अधिक आईटीआई केंद्रों की शुरुआत की गई है। इसी प्रकार की संस्थाओं से निकले 15 हजार से अधिक प्रोफेशनल्स स्किल इंडिया कार्यक्रम के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगार के क्षेत्रों में प्रशिक्षित करते हैं।
इस समय देश के 707 जिलों में 25 हजार से अधिक कौशल विकास केंद्र युवाओं को तीन हजार से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित कर रहे हैं। बाजार के 37 सेक्टर में 250 से अधिक जॉब कैटेगरी में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
ई-ट्रेनिंग की भी हो चुकी शुरुआत
कोविड काल में लोगों का एक जगह से दूसरी जगह आना-जाना बाधित हुआ है। इसे देखते हुए युवाओं को ई-लर्निंग के माध्यम से सिखाया जा रहा है। इसके लिए युवाओं को 16.2 लाख मिनट्स के ई-कंटेंट उपलब्ध कराए गये हैं।
यह विधि युवाओं के प्रशिक्षण में काफी कारगर साबित हो रही है। इस समय 500 से अधिक विभिन्न कोर्स में 2.25 लाख छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। ई-लर्निंग के लिए केंद्र सरकार की एप को दो लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।