G20: जी20 में सुरक्षा के लिए एनएसजी खोजी कुत्तों का दस्ता भी मोर्चे पर; कुछ भी संदिग्ध हुआ तो पकड़ा जाएगा
भारत के एनएसजी के9 खोजी कुत्तों को महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर तैनात किया गया है। जी20 के नेता कार्यक्रम के दौरान यहां दौरा करेंगे।
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भारत की अध्यक्षता में होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन को लेकर देश की राजधानी में सबकुछ चौकस है, चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था में एनएसजी के खोजी कुत्ते भी अपना योगदान दे रहे हैं। भारत के विशिष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के के9 खोजी कुत्तों को महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर तैनात किया गया है। जी20 के नेता कार्यक्रम के दौरान यहां दौरा करेंगे।
कुत्तों को बम निरोधक इकाइयों के साथ तैनात किया गया है। एनएसजी के जेनॉन, मिंग, जोन, जोजो और जिंगर छह कुत्तों को राजघाट की सीमा के अंदर और बाहर सुरक्षा में लगाया गया है। ये छह कुत्ते एनएसजी के डॉग स्क्वाड के विशेष रूप से प्रशिक्षित सुरक्षा सदस्यों से हैं। लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, बेल्जियन मैलिनोइस और कॉकर स्पैनियल वाली यूनिट ने अपने साथी मानव एनएसजी कमांडो के साथ कठोर प्रशिक्षण लिया है।
ऐसी ही डॉग स्क्वाड को रणनीतिक रूप से भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) और पूसा परिसर में भी तैनात किया गया है। सभी को शहरी इलाकों में नेविगेट करना सिखाया गया है और विस्फोटक सामग्री के लिए उन्नत गंध प्रशिक्षण से भी रूबरू कराया है। उन्हें शिखर सम्मेलन स्थलों को सुरक्षित करने के लिए एलईडी लाइट-निर्देशित निर्देशों का पालन करने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है।
एनएसजी के सहायक कमांडर-रैंक अधिकारियों में से एक ने बताया कि विशिष्ट विंग के डॉग स्क्वाड सदस्यों को विशेष रूप से संदिग्ध विस्फोटकों का पता लगाने के लिए स्थानों के आसपास स्क्रीनिंग करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है ताकि संभावित खतरों को रोका और टाला जा सके। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विस्फोटकों को पकड़ना और उपकरणों से निकलने वाले संकेतों को रोकने के लिए जैमर गिराना, संदिग्धों से हथियार छीनना इन डॉग स्क्वॉड के अन्य युद्ध कौशलों में से एक है।
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विस्फोटकों को पकड़ना और उपकरणों से निकलने वाले संकेतों को रोकने के लिए जैमर गिराना, संदिग्धों से हथियार छीनना इन डॉग स्क्वॉड के अन्य युद्ध कौशलों में से एक है। ये कुत्ता इकाइयां अपने संचालकों और बम निरोधक विंग के साथ राजघाट और अन्य स्थानों पर तैनात दिल्ली पुलिस, विशेष सुरक्षा समूह और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल रिजर्व पुलिस बल जैसे अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सहायता कर रही हैं, जहां प्रतिनिधि जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान जाएंगे।
भारतीय काउंटर-ड्रोन प्रणाली भी तैनात
रक्षा अधिकारी के मुताबिक, किसी भी संभावित ड्रोन खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित भारतीय काउंटर-ड्रोन प्रणाली को राष्ट्रीय राजधानी में राजनयिक एन्क्लेव में तैनात किया गया है। DRDO और भारतीय सेना के ड्रोन सिस्टम अन्य नागरिक एजेंसियों के साथ हवाई खतरों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
#WATCH | Delhi | Indian counter-drone system developed by the Defence Research and Development Organisation (DRDO) deployed in the diplomatic enclave in the national capital to provide protection against any possible drone threat. The drone systems of the DRDO & Indian Army along… pic.twitter.com/BCDBJMczs4
— ANI (@ANI) September 7, 2023