Submarine Deal: रक्षा मंत्रालय बोला- L&T का प्रस्ताव ठीक नहीं, पनडुब्बी खरीद के लिए मझगांव डॉकयार्ड को बुलाया
रक्षा मंत्रालय ने 70 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए मझगांव डॉकयार्ड को बुलाया है। भारतीय नौसेना 'प्रोजेक्ट-75 इंडिया' के तहत तीन सप्ताह तक पानी के भीतर रहने की क्षमता वाली छह उन्नत पनडुब्बियां खरीदना चाहती है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि स्पेन की नवांटिया कंपनी के साथ साझेदारी में एलएंडटी के प्रस्ताव को मंत्रालय ने भारतीय नौसेना की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं होने के कारण खारिज कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा मंत्रालय ने 70 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए मझगांव डॉकयार्ड को बुलाया है। प्रोजेक्ट के तहत नौसेना के लिए छह पनडुब्बियां तैयार की जानी है। सरकार ने मझगांव डॉकयार्ड लि.(एमडीएल) को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। एमडीएल ने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर रक्षा मंत्रालय के साथ 27 जनवरी से बातचीत शुरू होगी। उसकी ओर से प्रस्तुत वाणिज्यिक बोली को आगे की प्रक्रिया के लिए मंत्रालय ने बुलाया है। भारतीय नौसेना 'प्रोजेक्ट-75 इंडिया' के तहत तीन सप्ताह तक पानी के भीतर रहने की क्षमता वाली छह उन्नत पनडुब्बियां खरीदना चाहती है।
गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने कई कंपनियों ने आवेदन किया था। इसमें भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) भी शामिल थी, जिसके प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय ने अयोग्य करार दे दिया था। स्पेन की नवांटिया कंपनी के साथ साझेदारी में एलएंडटी के प्रस्ताव को मंत्रालय ने नौसेना की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाया था।
छह उन्नत पनडुब्बियां खरीदने की योजना
गुरुवार को रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के प्रस्ताव को अयोग्य करार दिया। रक्षा सूत्रों ने बताया कि स्पेन की नवांटिया कंपनी के साथ साझेदारी में एलएंडटी के प्रस्ताव को मंत्रालय ने भारतीय नौसेना की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं होने के कारण खारिज कर दिया है। बता दें कि भारतीय नौसेना 'प्रोजेक्ट-75 इंडिया' के तहत तीन सप्ताह तक पानी के भीतर रहने की क्षमता वाली छह उन्नत पनडुब्बियां खरीदना चाहती है।
समुद्र में पारंगत सिस्टम की मांग की थी
एलएंडटी और उसके साझेदार ने स्पेन में भारतीय नौसेना की टीम के सामने अपने महत्वपूर्ण एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन सिस्टम की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया था, लेकिन भारतीय नौसेना ने टेंडर दस्तावेज में अपनी आवश्यकताओं के लिए समुद्र में पारंगत सिस्टम की मांग की थी। सूत्रों के अनुसार, सरकारी स्वामित्व वाली मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड और उसके साझेदार जर्मनी के थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स छह पनडुब्बियों के निर्माण की दौड़ में एकमात्र बोलीदाता बची हुई है।
मझगांव डॉकयार्ड ने हाल ही में आईएनएस वाघशीर की आपूर्ति की
उल्लेखनीय है कि मझगांव डॉकयार्ड ने हाल ही में भारतीय नौसेना को प्रोजेक्ट-75 स्कॉर्पीन श्रेणी की आईएनएस वाघशीर की आपूर्ति की है। उसे प्रोजेक्ट-75 (अतिरिक्त पनडुब्बी) के तहत तीन और पनडुब्बियों के लिए ऑर्डर मिलने जा रहा है, जिनका निर्माण फ्रांसीसी नौसेना समूह के समर्थन से किया जाएगा।