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सिक्किम स्थापना दिवस: उपराष्ट्रपति बोले- जैविक खेती कृषि सुधार नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक क्रांति है
Sat, 16 May 2026 08:59 PM IST
एन अर्जुन
अमर उजाला ब्यूरो,गंगटोक
अमर उजाला ब्यूरो,गंगटोक
Published by: एन अर्जुन
Updated Sat, 16 May 2026 08:59 PM IST
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उपराष्ट्रपति सीसी राधाकृष्णन
- फोटो : अमर उजाला
उपराष्ट्रपति सीसी राधाकृष्णन ने गंगटोक में आयोजित सिक्किम के 51वें राज्य स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सिक्किम प्रकृति, संस्कृति और विकास के बीच सामंजस्य का शानदार उदाहरण है। उन्होंने राज्य की उपलब्धियों की सराहना करते हुए सिक्किम को देश का “प्रहरी” बताया। मानन केंद्र में आयोजित समारोह में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, केंद्रीय संचारएवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा लोकसभा सांसद इंद्रा हैंग सुब्बा समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सभी का स्वागत और अभिनंदन किया। खराब मौसम के बावजूद उपराष्ट्रपति का सिक्किम का पहला सड़क मार्ग दौरा और समारोह में उनकी मौजूदगी इस आयोजन को विशेष और ऐतिहासिक बना गई। इस दौरान राज्य के विकास और समृद्ध भविष्य से जुड़ी कई परिवर्तनकारी परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया।
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इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि छात्र जीवन के दौरान वर्ष 1971 में जब उन्होंने सिक्किम के भारत में विलय की खबर पढ़ी थी, तब उन्हें बेहद गर्व महसूस हुआ था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण था। उन्होंने सिक्किम की पहचान “हरा, जैविक, साफ और सुथरा राज्य” के रूप में करते हुए कहा कि जैविक खेती केवल कृषि सुधार नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि सिक्किम ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है।
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उपराष्ट्रपति ने यह भी आश्वासन दिया कि अगले वर्ष तक सिक्किम रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे राज्य के जैविक उत्पादों को देशभर के बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नेपाली भाषा में अपना संबोधन देकर लोगों का दिल जीत लिया। उनके नेपाली में दिए गए भाषण को उपस्थित लोगों ने गर्मजोशी से सराहा। स्थानीय संस्कृति और भाषा के प्रति उनके सम्मान ने समारोह में मौजूद लोगों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया सिक्किम दौरे का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान सिक्किम को “पूरब का स्वर्ग” बताते हुए राज्य की सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की पहलों की सराहना की थी। कार्यक्रम में “विकसित भारत 2047” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सिक्किम के लोग “टीम सिक्किम” की भावना के साथ एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा गया कि सिक्किम के लोगों ने हर चुनौती में देश के साथ मजबूती से खड़े रहकर योगदान दिया है और आगे भी देते रहेंगे।
समारोह में सिक्किम के पहले मुख्यमंत्री और पद्म विभूषण तथा सिक्किम रत्न से सम्मानित दिवंगत एलडी काजी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के प्रति योगदान को आधुनिक सिक्किम की मजबूत नींव बताया गया।
विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है राज्य, अलग पहचान बनाईः तमांग
सिक्किम के 51वें राज्यत्व दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि राज्य अब विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में सिक्किम ने शांति, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए इस दिन को “गर्व, आभार और उत्सव” का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सिक्किम ने समय के साथ एक ऐसे मॉडल राज्य के रूप में पहचान बनाई है, जहां विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और सामाजिक समरसता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री तमांग ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया सिक्किम यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान राज्य में 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेल और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों को और मजबूत करने पर है। युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
खेल क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विस्तार की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल अकादमियों और प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रोजगार और स्टार्टअप क्षेत्र पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में एमएसएमई और स्टार्टअप सेक्टर में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों, कैंसर केयर सेंटर और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार से चिकित्सा सुविधाओं में सुधार हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में भी आधारभूत सुधारों पर काम जारी है।
पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में सिक्किम में 17 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूती मिली है।मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सिक्किम “सुनौलो, समृद्ध अनि समर्थ सिक्किम” के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित भारत के विजन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।