Sikkim: लापता भारतीय सेना के एक जवान को बचाया, बाकियों कि तलाश जारी; लापता जवानों के परिजनों को दी गई जानकारी
चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया। इससे सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हो गए हैं।
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उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई। घाटी में कुछ सैन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं और अधिक विवरण का इंतजार किया जा रहा है।
#WATCH | Sikkim: A flood-like situation arose in Singtam after a cloud burst.
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(Video source: Central Water Commission) pic.twitter.com/00xJ0QX3ye — ANI (@ANI) October 4, 2023
चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया। इससे सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हो गए हैं। 23 जवानों के लापता होने की सूचना थी। शाम होते-होते घटना में लापता एक जवान को रेस्क्यू किया जा चुका है। लेकिन अभी भी 22 जवान लापता बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू किए गए जवान की हालत स्थिर है। घायल जवान को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई
रक्षा पीआरओ के मुताबिक, उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई। घाटी में कुछ सैन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। जिसमें 23 कर्मियों के लापता होने की सूचना थी लेकिन उनमें से एक कर्मी को बचा लिया गया है,जिसकी हालत अभी भी स्थिर बताई जा रही है। कुछ वाहनों के कीचड़ में डूबे होने की खबर है।
15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ा
रक्षा पीआरओ के मुताबिक, चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया। इसके कारण सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हुए।
मुख्यमंत्री ने लिया हालात का जायजा
इस बीच मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सिंगताम में स्थिति का जायजा लिया। वहं भाजपा नेता उग्येन शेरिंग ग्यात्सो भूटिया ने कहा कि सिंगताम में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सार्वजनिक संपत्तियों को भारी क्षति हुई है। कुछ लोगों के लापता होने की भी जानकारी है। उन्हें ढूंढने की कोशिशें जारी हैं।
ममता बनर्जी ने जताया दुख
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया कि सिक्किम में बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ में 23 सैनिकों के लापता होने की खबर से बहुत चिंतित हूं। इस मामले पर हमारी सरकार की ओर से सहायता और एकजुटता का वादा करते हुए मैं उत्तर बंगाल के सभी संबंधित लोगों से आपदाओं को रोकने के लिए वर्तमान मौसम में अधिकतम सतर्कता बरतने का भी आग्रह करती हूं। मैंने पहले ही अपने मुख्य सचिव से आपदा प्रबंधन तैयारी उपायों का समन्वय करने के लिए कहा है। कलिम्पोंग, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं। बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए राज्य के वरिष्ठ मंत्रियों और वरिष्ठ IAS अधिकारियों को उत्तर बंगाल भेजा गया है।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक त्रिशक्ति कोर भारतीय सेना के जवानों ने 23 लापता सैनिकों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया। लगातार बारिश, तीस्ता नदी में पानी के तेज बहाव और कई जगहों पर सड़कें और पुल बह जाने की स्थिति में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार की शाम तक एक सैनिक को बचा लिया गया है और शेष 22 जवानों की तलाश जारी है। लापता जवानों के परिजनों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दे दी गयी है। सिक्किम और उत्तरी बंगाल में तैनात अन्य सभी भारतीय सेना के जवान सुरक्षित हैं और मोबाइल संचार में व्यवधान के कारण वे अपने परिवार के सदस्यों से संपर्क करने में असमर्थ हैं।