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Sikkim Flood: नौ सैनिकों समेत 69 हुई मृतकों की संख्या, 1700 से अधिक फंसे पर्यटकों की सहायता कर रहे जवान

Mon, 09 Oct 2023 04:56 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक Published by: यशोधन शर्मा Updated Mon, 09 Oct 2023 04:56 AM IST
सार

एसएसडीएमए ने कहा कि 105 लोग अभी भी लापता हैं। इनकी तलाश की जा रही है। पाक्योंग जिले में 78 लोग, गंगटोक जिले में 23, मंगन में 15 और नामची में छह लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के लिए विशेष रडार, ड्रोन और सेना के डॉग तैनात हैं।

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Sikkim Flood: Death including soldiers reaches 69, soldiers helping more than 1700 stranded tourists
Sikkim - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सिक्किम में अचानक आई बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। इसमें नौ सैनिक भी शामिल हैं। 105 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। आईटीबीपी ने चुंगथांग में 56 लोगों को बचाया है।

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सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने रविवार को बताया कि बाढ़ से 41,870 लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 2,563 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। राज्यभर में 30 राहत कैंपों में 6,875 लोगों ने शरण ली हुई है। 
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एसएसडीएमए ने कहा कि 105 लोग अभी भी लापता हैं। इनकी तलाश की जा रही है। पाक्योंग जिले में 78 लोग, गंगटोक जिले में 23, मंगन में 15 और नामची में छह लोग लापता हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के लिए विशेष रडार, ड्रोन और सेना के डॉग तैनात हैं। अब तक पाक्योंग से 21, गंगटोक से छह, मंगन से चार और नामची से एक शव बरामद किया गया है।

1,320 से अधिक घर क्षतिग्रस्त... सिक्किम राष्ट्रीय राजमार्ग 10 और कई पुलों के क्षतिग्रस्त होने से परिवहन ठप हो गया है। बाढ़ से 1,320 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए है। साथ ही चार जिलों में 13 पुल बह गए। मंगन जिले के लाचेन और लाचुंग में फंसे 3,000 से अधिक पर्यटक सुरक्षित हैं।

1700 से अधिक फंसे पर्यटकों को सहायता दे रहे जवान
इसके अलावा, भारतीय सेना ने लाचुंग में फंसे हुए पर्यटकों के लिए चिकित्सा देखभाल, भोजन और संचार प्रदान करके अपनी सहायता जारी रखी है। सेना की त्रिशक्ति कोर ने 63 विदेशी नागरिकों और स्थानीय लोगों सहित 1700 से अधिक फंसे हुए पर्यटकों को सहायता जारी रखी। 

त्रिशक्ति कोर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि लाचुंग में 63 विदेशी नागरिकों और स्थानीय लोगों सहित 1700 से अधिक फंसे हुए पर्यटकों को निरंतर सहायता प्रदान करते हुए चिकित्सा देखभाल, भोजन और संचार प्रदान किया है। मौसम अभी भी खराब बना हुआ है। भारतीय सेना के एविएटर्स ने आपातकालीन उड़ानें भरीं हैं। 

इससे पहले दिन में, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और सिक्किम के मंगन में एक राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। राज्य मंत्री मिश्रा ने कहा कि आपदा प्रभावित राज्य में एक बार फिर बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए छह मंत्रालयों की एक टीम का गठन किया गया है। 

बलिदानी सैनिक का हुआ अंतिम संस्कार
सिक्किम में अचानक आई बाढ़ में मारे गए असम के सैन्यकर्मी मितुल कलिता का अंतिम संस्कार रविवार शाम बक्सा जिले में उनके पैतृक स्थान पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 'एक्स' पर लिखा, ''असम के लिए एक दुखद क्षति, क्योंकि उसने सिक्किम में आई दुर्भाग्यपूर्ण बाढ़ में बक्सा जिले के भारतीय सेना के मितुल कलिता नामक एक बहादुर सैनिक को खो दिया।" 

सीएम ने कहा, "दिवंगत आत्मा के लिए मेरी प्रार्थना और दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना।"

कलिता, भारतीय सेना के तकनीकी विभाग में सेवारत, बुधवार को अचानक आई बाढ़ के दिन, लापता हुए 23 सैनिकों में से एक था। लापता कर्मियों में से एक को बाद में बचा लिया गया, जबकि कलिता सहित नौ के शव अब तक बरामद किए जा चुके हैं। 

31 साल का कलिता अलीपुरद्वार में काम करता था और वह विभागीय आदेश पर सिक्किम गया था। उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही बक्सा के आनंदबाजार इलाके में मातम छा गया। 

बाढ़ में फंसे छात्रों की हो रही वापसी
राज्य के कैबिनेट मंत्री रंजीत कुमार दास और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य लोगों ने सैनिक को अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस बीच, सिक्किम में फंसे राज्य के छात्रों की जल्द असम पहुंचने की उम्मीद है।


राज्य सरकार ने हिमालयी राज्य में फंसे छात्रों को घर वापस लाने के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की थी। जिन अधिकारियों को यह काम सौंपा गया उनमें से मेघ निधि दहल ने बताया कि 124 छात्रों को वापस लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये छात्र ज्यादातर अपने कॉलेज परिसर में थे। वे घर लौटना चाहते थे और हमने इसकी सुविधा दी है। 
 

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