फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sikkim: BRO makes the way to North Sikkim 'easy', bridges completed at Fidang and Tung

सिक्किम: बीआरओ ने किया उत्तरी सिक्किम जाने का 'राह आसान', फिदांग और तूंग में पुलों का कार्य पूरा

Tue, 11 Jun 2024 10:02 PM IST
एन अर्जुन एन. अर्जुन, गंगटोक
एन. अर्जुन, गंगटोक Published by: एन अर्जुन Updated Tue, 11 Jun 2024 10:02 PM IST
सार

उल्लेखनीय है कि बाढ़ के कारण करीब 20 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 16 पुल बह गए थे। दिक्चू को सांकलांग से जोड़ने वाला फिदांग में 140 मीटर लंबा स्टील पुल और मंगन को चुंगथांग से जोड़ने वाला तूंग में 130 मीटर लंबा स्थायी पुल बह गया था। इन पुलों के बह जाने से जंगू के साथ-साथ चुंगथांग से भी यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गई थी।

विज्ञापन
Sikkim: BRO makes the way to North Sikkim 'easy', bridges completed at Fidang and Tung
Sikkim - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्वोत्तर के राज्य सिक्किम में पिछले वर्ष अक्टूबर में भीषण बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ था। उत्तरी सिक्किम में महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क और महत्वपूर्ण पुलों को व्यापक नुकसान पहुंचा था, लेकिन अब बॉर्डर रो़ड़ ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) के अथक परिश्रम से उत्तरी सिक्किम में फिदांग और तूंग में पुलों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इन दो पुलों के बनने से अब उत्तरी सिक्किम जाने के लिए बहुत जल्द अब स्थानीय और पर्यटकों को लंबा रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि बाढ़ के कारण करीब 20 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 16 पुल बह गए थे। दिक्चू को सांकलांग से जोड़ने वाला फिदांग में 140 मीटर लंबा स्टील पुल और मंगन को चुंगथांग से जोड़ने वाला तूंग में 130 मीटर लंबा स्थायी पुल बह गया था। इन पुलों के बह जाने से जंगू के साथ-साथ चुंगथांग से भी यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गई थी।
विज्ञापन


स्थानीय, भारतीय सेना और पर्यटकों को हो रही थी दिक्कत
प्रारंभ में, बीआरओ ने सेना के साथ समन्वय में सांकलांग में तीस्ता नदी पर जुड़वां बेली पुल शुरू करके जंगू और चुंगथांग के बीच सफलतापूर्वक यातायात बहाल की। बाद में, तीस्ता नदी पर साल भर यादातात प्रदान करने के लिए, बीआरओ ने सांकलांग में बैली सस्पेंशन पुल का निर्माण किया और इस साल 10 फरवरी से पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके बावजूद स्थानीय ग्रामीणों, सेना और पर्यटकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उन्हें चुंगथांग तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त 50 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी और कई तेज मोड़ों से गुजरना पड़ता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


खराब मौसम में भी बीआरओ ने किया दिन-रात काम
चुंगथांग और जंगू के लिए सबसे छोटी यातायात बहाल करने के लिए, बीआरओ फिदांग और तूंग में पुल बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा था। हालाँकि, भूमि मुआवजे के भुगतान में देरी के कारण, नागा, रित्चू और तूंग के ग्रामीणों ने सबसे महत्वपूर्ण तूंग पुल के चल रहे निर्माण कार्य को 75 दिनों से अधिक समय तक रोक दिया था। बाद में, बीआरओ अधिकारियों से आश्वासन मिलने पर, इसी एक जून साइट पर काम फिर से शुरू हुआ। तूंग में पुल की गंभीरता को समझते हुए, बीआरओ श्रमिकों ने खराब मौसम के बावजूद रात-दिन अथक मेहनत की और तूंग में मॉड्यूलर पुल का निर्माण पूरा किया। हालांकि, तूंग पुल तक पहुंच मार्ग का काम अभी भी प्रगति पर है। इस माह के अंत तक पुल यातायात के लिए खुलने की संभावना है। तूंग पुल के शीघ्र संचालन से सभी हितधारकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।


इसी तरह, बीआरओ ने फिदांग में बड़े पैमाने पर रिटेनिंग संरचनाओं और बैली सस्पेंशन पुल के निर्माण के लिए लगातार काम किया। इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण से दिक्चू और जंगू क्षेत्र के बीच यातायात निर्बाध होगी। बीआरओ की इस कड़ी मेहनत और कार्य की हर तरफ तारीफ हो रही है। उत्तरी सिक्किम के लिए यातायात की शीघ्र बहाली से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और भारतीय सेना को इसका लाभ मिलेगा। निश्चित ही ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बीआरओ के वीरतापूर्ण प्रयास अन्य एजेंसी के लिए अनुकरणीय हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed