करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर फिलहाल टले: सूत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला समझौता फिलहाल टलता नजर आ रहा है। भारत और पाक दोनों ने बुधवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की थी, लेकिन अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि 23 अक्तूबर को दोनों देशों के बीच होने वाला समझौता टल गया है।
Sources: Signing of agreement on Kartarpur Corridor between India and Pakistan unlikely tomorrow. Earlier, both the countries had announced, the Agreement on Kartarpur Corridor will be signed on 23rd October. pic.twitter.com/NZPOHiLdMY
— ANI (@ANI) October 22, 2019विज्ञापन
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया था कि करतारपुर कॉरिडोर जाने वाले श्रद्धालुओं को पाकिस्तान द्वारा वीजा फ्री एक्सेस देने के लिए 23 अक्तूबर को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए केंद्र सरकार तैयार है। 12 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर शुरू करने की योजना है। भारत सरकार ने पाकिस्तान से एक बार फिर प्रति दर्शनार्थी 20 डॉलर (लगभग 1400 रुपये) का शुल्क हटाने की मांग की है।
कई बैठकें हो चुकीं, पर नहीं बन पाई बात !
भारत-पाकिस्तान अधिकारियों के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर तीन बैठकें हो चुकी हैं। अंतिम बैठक में पाकिस्तान ने प्रति श्रद्धालु 20 डॉलर फीस की शर्त रखी थी। भारतीय अधिकारियों ने इस शर्त का तुरंत विरोध किया था।
भारत का तर्क था कि करतारपुर कॉरिडोर सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी द्वारा स्थापित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए बनाया गया है। विश्व के किसी भी देश में धार्मिक कॉरिडोर पर एंट्री फीस वसूलने की प्रथा नहीं है, लेकिन पाकिस्तान ने भारत के इस प्रस्ताव को मानने से इंकार कर दिया था।