फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sidhi incident: Journalists organizations condemned stripping of journalists cloths, sought intervention of Home Ministry

सीधी घटना शर्मनाक: पत्रकार संगठनों ने की पत्रकारों के कपड़े उतारे जाने की निंदा, गृह मंत्रालय से की दखल देने की मांग

Fri, 08 Apr 2022 06:38 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 08 Apr 2022 06:38 PM IST
सार

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने कहा है कि एमपी के सीधी जिले में पुलिस के द्वारा पत्रकारों के साथ की गई यह घटना शर्मनाक है, और इसकी कड़ी आलोचना की जानी चाहिए। इमरजेंसी के समय भी पत्रकारों के साथ इस स्तर की शर्मनाक हरकतें नहीं की गई थीं...

विज्ञापन
Sidhi incident: Journalists organizations condemned stripping of journalists cloths, sought intervention of Home Ministry
सीधी के कोतवाली थाने में पत्रकारों के कपड़े उतरवा लिए। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश में पत्रकारों के कपड़े उतरवाकर उनका परेड कराने की घटना की चौतरफा निंदा हो रही है। पेशेवर पत्रकारों के शीर्ष संगठनों, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, ने मध्यप्रदेश के सीधी जिले में पुलिस के द्वारा स्थानीय पत्रकार के कपड़े उतारे जाने की घटना की क़ड़ी आलोचना की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने इसे इमरजेंसी से बुरी स्थिति बताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मामले में दखल देने की मांग की है। वहीं, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि गृहमंत्रालय को उचित दिशा निर्देश जारी करना चाहिए जिससे अब इस तरह की घटना दोहराई न जाए।   

विज्ञापन


एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि इस मामले का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि पुलिस ने पत्रकारों और सिविल सोसाइटी के लोगों के कपड़े उतारे जाने की घटना का फोटो लिया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह पत्रकार और अन्य लोगों को समाज में शर्मिंदा करने के लिए किया गया, जो कि बेहद शर्मनाक है क्योंकि यह मानव की गरिमा को कम करने की कोशिश है जिसकी अनुमति हमारा संविधान नहीं देता है।

विज्ञापन

इमरजेंसी से बुरे हालत

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने कहा है कि एमपी के सीधी जिले में पुलिस के द्वारा पत्रकारों के साथ की गई यह घटना शर्मनाक है, और इसकी कड़ी आलोचना की जानी चाहिए। इमरजेंसी के समय भी पत्रकारों के साथ इस स्तर की शर्मनाक हरकतें नहीं की गई थीं। उससे भी ज्यादा शर्मनाक है कि इस घटना पर माफी मांगने की बजाय सरकार के द्वारा यह कहा जा रहा है कि वे व्यक्ति पत्रकार नहीं थे। पीसीआई ने कहा है कि संविधान में किसी भी व्यक्ति के साथ इस तरह की शर्मनाक हरकत किए जाने की अनुमति नहीं है, वे चाहे जो भी हों। मानवाधिकार संगठन को इस घटना पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।    

विज्ञापन
विज्ञापन


पीसीआई ने शुक्रवार को एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह की घटनाएं ज्यादातर भाजपा शासित राज्यों में ही हो रही हैं। इसके ठीक पहले उत्तर प्रदेश में भी बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर प्रकाशित करने के कारण अमर उजाला के पत्रकारों के साथ गलत व्यवहार किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। सरकार के आलोचक आकार पटेल को विदेश यात्रा पर जाते समय अकारण रोके जाने पर भी पीसीआई ने चिंता जताई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed