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Karnataka: 'केंद्र कर रहा टैक्स का अनुचित वितरण', CM सिद्धारमैया ने आठ राज्यों को पत्र लिख चर्चा के लिए बुलाया
Thu, 12 Sep 2024 12:31 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 12 Sep 2024 12:31 AM IST
सार
कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने बुधवार को कहा कि केंद्र द्वारा करों के अनुचित वितरण के संबंध में उन्होंने केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार पर करों का अनुचित वितरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। सीएम सिद्धारमैया ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को राजकोषीय संघवाद के मुद्दे पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श करने के लिए बंगलूरू में एक सम्मेलन में आमंत्रित किया है।
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सीएम सिद्धारमैया ने बुधवार को कहा कि केंद्र द्वारा करों के अनुचित वितरण के संबंध में उन्होंने केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है।
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सीएम सिद्धारमैया ने 'ऑवरटैक्सऑवरराइट' हैशटैग के साथ एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'कर्नाटक और अन्य जैसे प्रति व्यक्ति उच्च जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) वाले राज्यों को उनके आर्थिक प्रदर्शन के लिए दंडित किया जा रहा है, जिसके चलते इन राज्यों को असंगत रूप से कम कर आवंटन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण सहकारी संघवाद की भावना को कमजोर करता है और प्रगतिशील राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता को खतरे में डालता है।'
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सिद्धारमैया ने आठ राज्यों के सीएम को लिखी चिट्ठी भी 'एक्स' पर पोस्ट की है। जिसमें उन्होंने कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं कि 16वें वित्त आयोग ने अपना विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। पिछले वित्त आयोगों ने दक्षता और प्रदर्शन की कीमत पर इक्विटी पर अत्यधिक जोर दिया है। परिणामस्वरूप, प्रति व्यक्ति उच्च जीएसडीपी और सकल कर राजस्व में उच्च योगदान वाले राज्य संघ को उत्तरोत्तर केंद्रीय राजकोषीय हस्तांतरण के कम हिस्से प्राप्त हो रहे हैं।'
सिद्धारमैया ने कहा, 'मैंने इस बात पर जोर दिया है कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों को केंद्रीय वित्तीय हस्तांतरण में कमी भौतिक और मानव बुनियादी ढांचे में निवेश करने की उनकी क्षमता पर गंभीर सीमाएं लगा रही है।'
राज्यों के करदाता, जो विभाज्य पूल के शुद्ध दाता हैं, वह भी उम्मीद करते हैं कि उनके करों का एक उचित हिस्सा उनके पास वापस आएगा। उन्होंने कहा, इसलिए वित्त आयोग को दक्षता और प्रदर्शन के साथ इक्विटी को सावधानीपूर्वक संतुलित करने की आवश्यकता है।
सिद्धारमैया ने कहा कि देश की जीडीपी और सकल कर राजस्व में मजबूत योगदान वाले राज्य कई तरीकों से राष्ट्र के निर्माण में मदद करते हैं। इसलिए, एक मजबूत संघ के लिए राजनीतिक और आर्थिक रूप से दक्षता और प्रदर्शन के साथ समानता को संतुलित करने की तत्काल आवश्यकता है।
सिद्धारमैया ने आगे लिखा, 'इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि जिन राज्यों को संघ के सकल कर राजस्व में उनके योगदान की तुलना में क्षैतिज हस्तांतरण में छोटे हिस्से प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें आयोग के समक्ष प्रस्तावों के एक समन्वित सेट को स्पष्ट करने की आवश्यकता है।'
उन्होंने कहा, 'इन मुद्दों पर आगे चर्चा करने के लिए आपको बंगलूरू में एक सम्मेलन में आमंत्रित करना मेरे लिए खुशी की बात है। कार्यक्रम तय होने के बाद मैं तारीखों का संकेत देते हुए एक अलग निमंत्रण भेजूंगा।'