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दुनिया की वो खतरनाक जगह जहां दुश्मनों से अधिक हैं भारतीय जवानों के लिए चुनौतियां

Tue, 19 Nov 2019 02:44 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 19 Nov 2019 02:44 AM IST
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Siachen, a dangerous place for Indian soldiers where internal challenges are more than enemies
सियाचिन - फोटो : PTI

सियाचिन के उत्तरी ग्लेशियर के पास सोमवार को हुए हिमस्खलन में सेना के चार जवानों समेत दो कुली मारे गए। घटना के बाद व्यापक पैमाने पर तलाशी लेने के बाद सेना ने इसकी पुष्टि कर दी है। जिस दौरान हिमस्खलन हुआ, उस दौरान आठ जवानों का एक दल गश्त पर था।



सियाचिन वह खतरनाक जगह बन गया है जहां भारतीय सैनिक बाहरी दुश्मनों से अधिक अपनी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं यहां की आंतरिक चुनौतियों के बारे में।

Siachen, a dangerous place for Indian soldiers where internal challenges are more than enemies
Siachen

तापमान शून्य से - 50 डिग्री सेल्सियस तक नीचे 

सियाचिन ठंड के मौसम में सैनिकों के लिए सबसे खतरनाक बन जाता है। तापमान शून्य से -50 डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुँच जाता है।  

एक रस्सी सबकी कमर में बंधी होती है

चौकियों पर जाने वाले सैनिक एक के पीछे एक लाइन में चलते हैं और एक रस्सी सबकी कमर में बंधी होती है। कमर में रस्सी इसलिए बांधी जाती है क्योंकि बर्फ कहां धस जाए इसका पता नहीं रहता और अगर कोई एक व्यक्ति खाई में गिरने लगे तो बाकी लोग उसे बचा सकें। 

Siachen, a dangerous place for Indian soldiers where internal challenges are more than enemies
सियाचिन - फोटो : PTI

सांसों का संकट, ऑक्सीजन की भारी कमी 

ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से सैनिकों को बहुत धीरे-धीरे चलना पड़ता है क्योंकि तेज चलने के लिए अधिक ऑक्सीजन की जरूरत और रास्ता कई हिस्सों में बंटा होता है। साथ ही ये भी तय होता है कि एक निश्चित स्थान पर उन्हें किस समय तक पहुँच जाना है और फिर वहाँ कुछ समय रुककर आगे बढ़ जाना है। 

आंखों की रोशनी जाने का खतरा

इतनी बर्फ गिरती है कि अगर दिन में सूरज चमके और उसकी चमक बर्फ पर पड़ने के बाद अचानक आंखों में जाए तो आंखों की रोशनी जाने का खतरा बना रहता है। तेज चलती ठंड हवाओं के बीच अगर बाहर निकल जाएं तो शायद हमारा शरीर बर्फों से ढक जाएगा।

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Siachen, a dangerous place for Indian soldiers where internal challenges are more than enemies
siachen - फोटो : PTI

सोते समय जान जाने का खतरा बना रहता है

सैनिक लकड़ी की चौकियों पर स्लीपिंग बैग में सोते हैं, मगर खतरा सोते समय भी मंडराता रहता है क्योंकि ऑक्सीजन की कमी की वजह से कभी-कभी सैनिकों की सोते समय ही जान चली जाती है। 

दाढ़ी बनाने की मनाही, नहाने की सोच भी नहीं सकते

नहाने के बारे में सोचा नहीं जा सकता और सैनिकों को दाढ़ी बनाने के लिए भी मना किया जाता है क्योंकि वहाँ त्वचा इतनी नाजुक हो जाती है कि उसके कटने का खतरा काफी बढ़ जाता है और अगर एक बार त्वचा कट जाए तो वो घाव भरने में काफी समय लगता है।

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Siachen, a dangerous place for Indian soldiers where internal challenges are more than enemies
सियाचिन - फोटो : PTI

हेलिकॉप्टर उन चौकियों पर सिर्फ 30 सेकेंड के लिए ही रुकता

चीता हेलिकॉप्टर उन चौकियों पर सिर्फ 30 सेकेंड के लिए ही रुकता है। संघर्ष विराम से पहले ये इसलिए किया जाता था जिससे विरोधी पक्ष जब तक निशाना साधेगा तब तक हेलिकॉप्टर उड़ जाएगा। मगर अब भी वही प्रक्रिया अपनाई जाती है जिससे सेना किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहे। 

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