फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Shyam Rao Shirkey who praised by PM Narendra Modi for making Food from Nala Gas

नाले की गैस से चूल्हा जलाने वाले के पीएम मोदी हैं मुरीद, जानिए कौन है ये शख्स?

Tue, 14 Aug 2018 11:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Aug 2018 11:24 AM IST
विज्ञापन
Shyam Rao Shirkey who praised by PM Narendra Modi for making Food from Nala Gas

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने एक भाषण में कहा था उन्हें इस बात ने काफी प्रेरणा दी कि एक शख्स नाले की गैस से चूल्हा जलाता है। बीते शुक्रवार को वर्ल्ड बायोफ्यूल डे के मौके पर पीएम मोदी ने कई प्रेरणादायक बाते करते हुए जनता से ये बात साझा की थी कि रायपुर में एक शख्स चाय की दुकान ऐसे ही चलाता है। बता दें कि रायपुर में रहने वाले इस शख्स का नाम श्याम राव शिर्के है जो देसी स्टाइल में ऐसा उपकरण तैयार कर चूल्हा नाले की गैस से ही जलाता है।

विज्ञापन


नालियों और नालों से निकलने वाली मीथेन गैस रसोई गैस की तर्ज पर उपयोग की जाती है, जिसका इस्तेमाल कर इसने नए तकनीक का अनूठा विचार दिया है। इस उपरकण के सहारे कोई भी गैस चूल्हा लगाकर मीथेन गैस का उपयोग खाना बनाने के लिए कर सकता है। श्याम राव शिर्के के इस प्रोजेक्ट की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारीफ की थी। इस प्रोजेक्ट को श्याम राव शिर्के ने ग्लोबल पेटेंट भी कराया है। जल्द ही इसे रायपुर के कुछ चुनिंदा नालों और नालियों में स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन


कैसे बनाई मशीन?

आजकल रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में रहने वाले 60 वर्षीय श्याम राव शिर्के का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुबान पर है। शिर्के द्वारा बनाई गई इस मशीन में प्लास्टिक के तीन ड्रमों अथवा कंटेनर को आपस में जोड़ कर उसमें एक वॉल्व लगा दिया जाता है। ये तीनों कंटेनर नदी नाले या नालियों के ऊपर उस स्थान पर रखा जाता है, जहां से बदबूदार पानी गुजरता है गंदगी कंटेनर में समा ना जाए इसके लिए नीचे की ओर एक जाली लगाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है मशीन का काम?

दरअसल इस मशीन को इस तर्ज पर फिट किया जाता है कि ड्रम अथवा कंटेनर में इकठ्ठा होने वाली गैस का इतना दबाव बन सके, जिससे वो पाइप लाइन के जरिए उस स्थान पर पहुंच जाए जहां रसोई गैस का चूल्हा रखा है। उनके मुताबिक कंटेनर में इकठ्ठा होने वाली गैस की मात्रा नदी नाले की लंबाई, चौड़ाई और गहराई पर निर्भर करती है। उनके मुताबिक रायपुर में जिस स्थान पर उन्होंने इस उपकरण को लगाया था उस घर में लगातार तीन चार माह तक एक दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों का सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन बन जाया करता था।

Shyam Rao Shirkey who praised by PM Narendra Modi for making Food from Nala Gas

कौन हैं श्याम राव शिर्के

श्याम राव शिर्के पेशेवर इंजीनियर नहीं हैं और ना ही उनके पास कोई इंजीनियरिंग की डिग्री है। वे मात्र 11वीं पास हैं। ये तकनीक उनकी आय का कोई विशेष साधन नहीं है। उनकी आजीविका मैकेनिकल कॉन्ट्रैक्टरशिप पर निर्भर है। हार्ट अटैक की वजह से वो अब पहले की तरह सक्रिय नहीं है लेकिन, इंजीनियरिंग इनोवेशन की धुन उनके सिर पर इस तरह सवार रहती है कि वो कोई ना कोई ऐसा उपकरण ईजाद करने में जुटे रहते हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद श्याम राव शिर्के ने अपने इस हुनर को उम्र के इस पड़ाव में भी जीवित रखा।

चार साल पहले उन्होंने अपने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया और पेटेंट करवाने का प्रयास किया। श्याम राव के मुताबिक, उन्हें इस बात की खुशी है कि उनका मॉडल पेटेंट हो चूका है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान में भी आ चुका है। श्याम राव शिर्के के मुताबिक उनका यह प्रोजेक्ट वातावरण में फैलने वाली बदबू ही नहीं बल्कि कई तरह के कीट पतंगों को पैदा होने से भी रोकेगा। छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed