महाराष्ट्र चुनाव : 10 रुपये में थाली और एक रुपये में इलाज देगी शिवसेना, घोषणा पत्र जारी
- इस बार शिवसेना ने अलग से जारी किया घोषणा पत्र, लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ था
- आदित्य ठाकरे ने कहा, सरकार बनते ही पहले दिन से इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा
- घोषणा पत्र में गरीबों को लुभाने के लिए रोटी, इलाज, शिक्षा व घर-बिजली से जुड़े तमाम वादे
- कमजोर और गरीब किसानों को हर साल 10 हजार रुपये देने का वादा, कर्ज भी होगा माफ
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विस्तार
भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ रही शिवसेना ने अपना घोषणापत्र अलग से जारी किया है। मातोश्री में शनिवार को पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे द्वारा जारी इस पत्र में गरीबों को लुभाने के लिए रोटी, इलाज, शिक्षा व घर-बिजली से जुड़े तमाम वादे हैं। दो दिन पहले एक चुनावी सभा में उद्धव ने गरीबों को 10 रुपये में भरपेट भोजन देने की बात कही थी। घोषणापत्र में इसे प्रमुखता से शामिल किया गया।
पार्टी ने यह भी घोषणा की है कि सत्ता में आने पर गरीबों की 200 से ज्यादा बीमारियों की जांच और इलाज केवल एक रुपये में करने की व्यवस्था कराएगी। घोषणा पत्र में किसानों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी वादे हैं। इनमें प्रमुख है कि कमजोर गरीब किसानों को शिवसेना की सरकार हर साल 10 हजार रुपये देगी, कर्ज माफ करेगी। 300 यूनिट तक इस्तेमाल होने वाली घरेलू बिजली की वर्तमान दर को कम करके 30 फीसदी तक लाएगी।
उद्धव ने कहा कि उनकी पार्टी ने बहुत सोच समझ कर घोषणा पत्र बनाया है। यह ध्यान रखा गया कि इससे सरकारी खजाने पर कितना भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसी कोई बात नहीं कर रहे हैं जिसे पूरा न कर सकें। 10 रुपये में भोजन उद्धव की महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को काम भी मिलेगा। गरीबों को कम पैसे में स्वच्छ और भर पेट खाना मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वह राज्य में 1000 ऐसे केंद्र या कैंटीन बनवाएंगे, जहां यह किफायती भोजन उपलब्ध होगा। यह ध्यान रखा जाएगा कि राज्य के सभी 36 जिलों में ये केंद्र हों। मुंबई में आरे के जंगल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी वहां कार शेड लगाने के विरुद्ध है। घोषणापत्र जारी करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार में आने पर पहले ही दिन से इस पर अमल शुरू हो जाएगा।
शिवसेना की अन्य घोषणाएं
- सरकारी नौकरियों में खाली सभी पदों को भरेंगे
- गरीब परिवारों की लड़कियों की कॉलेज शिक्षा मुफ्त करेंगे
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री शहर सड़क योजना
- हर जिले में मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाएंगे
- गांवों में विद्यार्थियों के लिए विशेष बसें चलाएंगे
- जिन क्षेत्रों में मुंबई से बसें नहीं चलती, वहां के लिए बसें चलाएंगे
- तीर्थ क्षेत्रों में आने वालों के लिए विशेष समन्वय केंद्र बनवाएंगे
- मराठी भाषा को विशेष दर्जा देते हुए इसके लिए अलग मंत्रालय बनाएंगे
- मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक नागरिक को खुद का घर देने की योजना
तुम सरकार चलाओगे या खाना बनाओगे : पवार
एनसीपी प्रनुख शरद पवार ने शिवसेना के शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए जारी किए गए घोषणा-पत्र में 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने के चुनावी वादे का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि इस तरह की ‘झुणका भाकर’ योजनाएं पहले भी शुरू की गई थी जो कि बाद में खत्म हो गईं। सोलापुर जिले के बरशी में एक अभियान रैली में पवार ने कहा कि 1990 के दशक में पहली शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार ने इसी तरह की योजना के जरिये भोजन उपलब्ध कराने के लिए कई केंद्रों की शुरुआत की थी। लेकिन कोई भी नहीं जानता कि बाद में इसे क्यों बंद किया गया और अब सेना के कार्यकर्ता इसे क्यों भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा का पांच रुपये में ‘अटल आहार’
शिवसेना की 10 रुपये में थाली की घोषणा के साथ भाजपा द्वारा पांच रुपये में भरपेट भोजन वाली थाली की चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि इस योजना से भाजपा शिवसेना की चुनावी थाली में छेद कर देगी। इस साल मार्च में नागपुर के ग्रामीण इलाकों में बांध निर्माण काम में लगे मजदूरों के लिए फडणवीस सरकार ने प्रयोग के तौर पर ‘अटल आहार योजना’ शुरू की थी, जिसमें केवल पांच रुपये में भोजन दिया जा रहा था। शिवसेना की योजना को काटने के लिए भाजपा यह योजना पूरे राज्य में लागू कर सकती है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना मिलकर चुनाव लड़े थे और साझा घोषणापत्र जारी किया था। मगर विधानसभा चुनाव में बढ़त बनाने के लिए शिवसेना ने अपना घोषणापत्र अलग जारी किया। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा है कि अटल थाली योजना का प्रयोग सफल रहने के बाद चुनाव पश्चात भाजपा भी गरीबों के लिए सस्ती दर पर इस थाली की योजना पूरे राज्य में ला सकती है।