सामना में योगी सरकार पर बरसे उद्धव ठाकरे, गोरखपुर हादसे को बताया 'सामूहिक बाल हत्या'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में करीब 36 बच्चों समेत 60 की मौत के बाद योगी सरकार लगातार विरोधियों के निशाने पर बनी हुई है। शिवसेना ने योगी सरकार का तीखा विरोध करते हुए इस हादसे को 'सामूहिक बालहत्या' करार दिया है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में नाराजगी जाहिर करते हुए योगी सरकार ही नहीं मोदी सरकार को भी घेरने की कोशिश की है।
सामना में लिखा कि उत्तर प्रदेश में हुआ ये बड़ा हादसा, स्वतंत्रता दिवस का अपमान है। गरीबों के साथ जो हुआ, ये बेहद निंदनीय है, उनकी 'मन की बात' को समझने की बजाय, उनकी वेदनाओं की खिल्ली उड़ाई जाती है, आखिर इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार कौन है?
पढ़ें: गोरखपुर हादसे पर भावुक योगी बोले- ऐसी सजा देंगे जो कि मिसाल बनेगी
सामना में लिखा गया कि 'सामूहिक बालहत्या' के बावजूद अस्पतालों में उन्हें वो सुविधाए नहीं दी गई, जो मिलनी चाहिए। सामना में लिखा गया कि केंद्र में परिवर्तन आने से पहले अच्छे दिन का वादा किया गया, लेकिन अस्पतालों में जो हालात हैं, ये लोगों की बदकिस्मती है। क्योंकि, ऐसी सुविधाओं से यही आंका जा सकता है कि गरीबों के लिए अस्पतालों में अच्छे दिन नहीं आए हैं।
पढ़ें: गोरखपुर घटना पर अखिलेश ने किया ट्वीट- 'राजनीतिक दुर्भावना की भी सीमा होनी चाहिए'
ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से बच्चों की मौत
शुक्रवार को गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से 32 बच्चों की मौत होने की खबर सामने आई थी। हालांकि इसके बाद मौत का यह आंकड़ा पिछले 7 दिनों में 60 के पार पहुंच चुका बताया जा रहा है। बता दें कि सीएम योगी खुद तीन दिन पहले ही इस अस्पताल का दौरा कर चुके थे, लेकिन फिर भी वहां इतना बड़ा हादसा हुआ।
हादसे के बाद शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा था कि लापरवाही की इन मौतों पर बड़ी कार्रवाई होगी, दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो मिसाल बनेगी। इसके अलावा गोरखपुर घटना पर यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके घटना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लापरवाही देखते हुए बीआरडी के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है जबकि प्रिंसिपल ने इसके बाद बयान दिया कि वह पहले ही त्यागपत्र लिख चुके थे। इस हादसे के बारे में ज्यादातर लोगों ने अपनी राय व्यक्त करते हुए मौतों का कसूरवार बीआरडी मेडिकल कॉलेज की लापरवाही को बताया है।