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सामना में योगी सरकार पर वार: प्यासे मुसलमान बच्चे को पानी देने से इनकार, ये कैसा रामराज्य?
Sun, 21 Mar 2021 08:31 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 21 Mar 2021 08:31 AM IST
सार
- शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में भाजपा पर जमकर साधा निशाना
- उत्तर प्रदेश की घटना का जिक्र करते हुए लिखा कि ये कैसा रामराज्य है?
- प्रधानमंत्री मोदी के पाकिस्तान को मुफ्त वैक्सीन देने पर उठाए सवाल
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शिवसेना नेता संजय राउत
- फोटो : ANI
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मुसलमान बच्चे का हिंदुओं के मंदिर में पानी पीना और बाद में उसकी कथित पिटाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस पर रविवार को शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में भाजपा पर जमकर निशाना साधा है।
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शिवसेना ने कहा कि ये कैसा रामराज्य है, जहां एक प्यासे मुसलमान बच्चे को पानी पीने से मना कर दिया गया, ऐसे मंदिर में भगवान का वास नहीं होना चाहिए। सामना में शिवसेना ने लिखा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जो हुआ, वो दिल दहला देने वाला है। एक प्यासा बच्चा वहां के मंदिर में पानी पीने गया लेकिन दो लोग तभी वहां दौड़ते आ गए और उसकी पिटाई करने लगे। एक शख्स ने इसका वीडियो भी तैयार किया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सामना में आगे लिखा कि बच्चे का धर्म मुसलमान था, उसका गुनाह यह था कि वो प्यासा होने पर हिंदुओं के मंदिर में पानी पीने गया। मंदिर के बाहर बोर्ड लगा हुआ था कि मुसलमानों का प्रवेश नहीं।
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सहिष्णुता हमारे धर्म का अलंकार
सामना में आगे लिखा गया कि हम कौन-से हिंदू का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सहिष्णुता हमारे धर्म का सबसे बड़ा अलंकार है लेकिन जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो ये सब अलंकार नकली लगने लगते हैं। लव जिहाद के खिलाफ माहौल तैयार करना, गोमांस प्रकरण में हिंसाचार करना ये सब अब रोज की बातें हो गई हैं।
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भाजपा पर निशाना साधते हुए सामना में शिवसेना ने लिखा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी जय श्रीराम का नारा नहीं देतीं तो वो हिंदू विरोधी हो जाती हैं। लेकिन हिंदुओं के मंदिर में प्यासे को नकारना और पानी पीने से मना करना भी उतना ही हिंदू विरोधी है।
झगड़ा पाकिस्तान से या मुसलमान से ?
शिवसेना ने आगे पूछा कि हमारा झगड़ा किससे है, पाकिस्तान से या मुसलमानों से? हिंदू बनाम मुसलमान करके उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़े जा रहे हैं। ये महान देश के लिए अच्छे लक्षण नहीं हैं। मुखपत्र में कहा गया कि हमारे देश में गंगा के पानी को अमृत का दर्जा दिया गया है।
शिवसेना ने कहा कि जहां श्रीराम का मंदिर हिंदुओं के खून से खड़ा हो रहा हो, वहां एक प्यासे को पानी से नकारना यह भी एक तरह से जहर ही है। शिवसेना ने आगे सवाल करते हुए पूछा कि एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान को कोविड-19 की लाखों डोज मुफ्त में दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके विचारों से प्रभावित हुए लोग मुसलमान बच्चे को मंदिर में पानी से पीने से रोकते हैं। शिवसेना ने आगे कहा कि ये रामराज्य नहीं है, देश की संस्कृति तो बिल्कुल भी नहीं है लेकिन कहे कौन?