{"_id":"586261c34f1c1b8259eec05f","slug":"shivaji-never-extended-greetings-to-enemies-shiv-sena-takes-dig-at-narendra-modi","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवाजी ने कभी देश के दुश्मनों को शुभकामना नहीं दी : शिवसेना","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शिवाजी ने कभी देश के दुश्मनों को शुभकामना नहीं दी : शिवसेना
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Dec 2016 06:16 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और पाकिस्तान के संबंधों में चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को उनके जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बधाई पर शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि छत्रपति शिवाजी ने कभी ‘देश के दुश्मनों’ को इस तरह की शुभकामनाएं नहीं दी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मोदी ने मुंबई में शिवाजी के एक बड़े स्मारक की आधारशिला रखी थी।
शिवसेना ने प्रधानमंत्री द्वारा संबोधित जनसभा में भाजपा समर्थकों की ओर से ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए जाने पर नाराजगी भी जाहिर की। इस सभा में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे। शिवसेना ने अपनी पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा है कि शिवाजी महाराज के विचारों के बारे में सबसे अद्भुत बात यह है कि वह स्वराज्य के दुश्मनों को देश का दुश्मन मानते थे। शिवाजी महाराज ने कभी औरंगजेब, अफजल खान और शाइस्ता खान को जन्मदिन की शुभकामनाएं नहीं दीं।
शिवसेना ने कहा है कि भाजपा ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए मराठा दिग्गज की विरासत पर दावा करने के लिए समारोह का ‘अपहरण’ करने की कोशिश की है। संपादकीय में कहा गया है कि शिवसेना नेताओं से सिर्फ इतना ही कहती है कि वे निम्नस्तरीय राजनीति खेलने के लिए शिवाजी का इस्तेमाल न करें। जो लोग छत्रपति पर अधिकारों का दावा ठोक रहे हैं, वे अंत में धूल ही फांकेंगे। पार्टी ने कहा है कि स्मारक ओछी राजनीतिक में नहीं फंसना चाहिए।
विज्ञापन
सत्ता में सहयोगी दल शिवसेना ने कहा कि वह भाजपा में मोदी के महत्व से वाकिफ हैं और उनकी पार्टी आज सिर्फ ‘मोदी टॉनिक’ के कारण ही है। शिवसेना ने कहा है कि शिवसैनिक और शिवाजी के प्रशंसक जहां छत्रपति की शान में नारे लगा रहे थे, वहीं भाजपा के कार्यकर्ता मोदी के नाम के नारे लगा रहे थे। क्या कोई भी अपनी तुलना शिवाजी से कर सकता है? मोदी खुद भी इस बात को मंजूर नहीं करेंगे।
ज्ञात हो कि रविवार को मोदी द्वारा संबोधित जनसभा में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के भाषण को थोड़े समय के लिए उस समय रोक दिया गया था, जब भाजपा के समर्थक बार-बार ‘मोदी-मोदी’ का नारा लगाने लगे।
विज्ञापन
शिवसेना ने प्रधानमंत्री द्वारा संबोधित जनसभा में भाजपा समर्थकों की ओर से ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए जाने पर नाराजगी भी जाहिर की। इस सभा में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे। शिवसेना ने अपनी पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा है कि शिवाजी महाराज के विचारों के बारे में सबसे अद्भुत बात यह है कि वह स्वराज्य के दुश्मनों को देश का दुश्मन मानते थे। शिवाजी महाराज ने कभी औरंगजेब, अफजल खान और शाइस्ता खान को जन्मदिन की शुभकामनाएं नहीं दीं।
विज्ञापन
शिवसेना ने कहा है कि भाजपा ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए मराठा दिग्गज की विरासत पर दावा करने के लिए समारोह का ‘अपहरण’ करने की कोशिश की है। संपादकीय में कहा गया है कि शिवसेना नेताओं से सिर्फ इतना ही कहती है कि वे निम्नस्तरीय राजनीति खेलने के लिए शिवाजी का इस्तेमाल न करें। जो लोग छत्रपति पर अधिकारों का दावा ठोक रहे हैं, वे अंत में धूल ही फांकेंगे। पार्टी ने कहा है कि स्मारक ओछी राजनीतिक में नहीं फंसना चाहिए।
विज्ञापन
सत्ता में सहयोगी दल शिवसेना ने कहा कि वह भाजपा में मोदी के महत्व से वाकिफ हैं और उनकी पार्टी आज सिर्फ ‘मोदी टॉनिक’ के कारण ही है। शिवसेना ने कहा है कि शिवसैनिक और शिवाजी के प्रशंसक जहां छत्रपति की शान में नारे लगा रहे थे, वहीं भाजपा के कार्यकर्ता मोदी के नाम के नारे लगा रहे थे। क्या कोई भी अपनी तुलना शिवाजी से कर सकता है? मोदी खुद भी इस बात को मंजूर नहीं करेंगे।
ज्ञात हो कि रविवार को मोदी द्वारा संबोधित जनसभा में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के भाषण को थोड़े समय के लिए उस समय रोक दिया गया था, जब भाजपा के समर्थक बार-बार ‘मोदी-मोदी’ का नारा लगाने लगे।