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शिवसेना की सरकार को चेतावनी, अगर सरकार राम मंदिर पर विधेयक लेकर नहीं आई तो संसद नहीं चलने देंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 10 Dec 2018 05:26 PM IST
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भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना ने सोमवार को कहा कि अगर सरकार अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण के लिए विधेयक लेकर नहीं आती है तो वह मंगलवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान संसद नहीं चलने देगी।
शिवसेना के सांसद चंद्रकांत खैरे ने कहा कि उन्होंने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ये बात कही। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे।
खैरे ने बैठक के बाद कहा, ‘‘शिवसेना की मांग है कि सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में विधेयक लाए। अगर सरकार कल से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में ऐसा नहीं करती है तो हमारी पार्टी संसद नहीं चलने देगी।’’
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इस बीच, संसदीय मामलों के मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस सवाल से पल्ला झाड़ लिया कि सरकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विधेयक लेकर आएगी या नहीं। तोमर ने कहा कि सर्वदलीय बैठक का यह एजेंडा नहीं था।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले महीने अयोध्या के अपने दौरे में कहा था कि अगर अयोध्या में मंदिर नहीं बनता है तो केन्द्र की भाजपा सरकार ‘‘नहीं चल सकती’’।
उन्होंने मांग की थी कि इस संबंध में अध्यादेश आना चाहिए। ठाकरे ने कहा था कि 2014 के आम चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में कहा गया था कि संविधान के दायरे में रहते हुए राम मंदिर मुद्दे का संभावित हल खोजा जाएगा।
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शिवसेना के सांसद चंद्रकांत खैरे ने कहा कि उन्होंने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ये बात कही। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे।
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खैरे ने बैठक के बाद कहा, ‘‘शिवसेना की मांग है कि सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में विधेयक लाए। अगर सरकार कल से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में ऐसा नहीं करती है तो हमारी पार्टी संसद नहीं चलने देगी।’’
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इस बीच, संसदीय मामलों के मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस सवाल से पल्ला झाड़ लिया कि सरकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विधेयक लेकर आएगी या नहीं। तोमर ने कहा कि सर्वदलीय बैठक का यह एजेंडा नहीं था।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले महीने अयोध्या के अपने दौरे में कहा था कि अगर अयोध्या में मंदिर नहीं बनता है तो केन्द्र की भाजपा सरकार ‘‘नहीं चल सकती’’।
उन्होंने मांग की थी कि इस संबंध में अध्यादेश आना चाहिए। ठाकरे ने कहा था कि 2014 के आम चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में कहा गया था कि संविधान के दायरे में रहते हुए राम मंदिर मुद्दे का संभावित हल खोजा जाएगा।