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Shiv Sena Crisis: पीएम को महाराष्ट्र आने के लिए बालासाहेब का चेहरा चाहिए, बैठक के बाद बोले उद्धव ठाकरे

Sat, 18 Feb 2023 04:52 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 18 Feb 2023 04:52 PM IST
सार

एकनाथ शिंदे के पास पार्टी के 55 विधायकों में से 40 विधायकों का और 18 लोकसभा सांसदों में से 13 का समर्थन है। 

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विस्तार

चुनाव आयोग  द्वारा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को असली शिवसेना मानने के एक दिन बाद उद्धव ठाकरे ने अपने धड़े के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में तय किया गया है कि पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और लोगों को यह बताएंगे कि उनका चुनाव चिन्ह चोरी हुआ है। उद्धव ठाकरे ने पार्टी समर्थकों को लोगों के बीच जाने की अपील की और कहा कि जनता तय करेगी कि शिवसेना किसकी है। प्रधानमंत्री को लगता है कि शिवसेना को खत्म कर देंगे लेकिन शिवसेना कभी खत्म नहीं होगी। उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि उन्हें बालासाहेब ठाकरे का चेहरा चाहिए, उन्हें चुनाव चिन्ह चाहिए लेकिन शिवसेना का परिवार नहीं। पीएम नरेंद्र मोदी को महाराष्ट्र आने के लिए बाला साहेब ठाकरे के चेहरे की जरूरत है, राज्य के लोग जानते हैं कौन सा चेहरा असली है और कौन नहीं। 

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शिंदे गुट को चुनौती देते हुए ठाकरे ने कहा कि मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि अगर वे मर्द हैं तो चोरी का 'धनुष-बाण' लेकर भी हमारे सामने आएं, हम 'मशाल' लेकर चुनाव लड़ेंगे।' यह हमारी परीक्षा है, युद्ध शुरू हो गया है। बता दें पार्टी के भविष्य के कदम पर भी इस बैठक में चर्चा हुई। इस बैठक में पार्टी नेता और प्रवक्ताओं समेत शिवसेना उद्धव बालासाहेब गुट के सभी बड़े नेता शामिल हुए। यह बैठक ठाकरे के निवास मातोश्री में हुई। चुनाव आयोग के फैसले को शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 
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शिवसेना से ठाकरे परिवार का नियंत्रण खत्म!
बता दें कि शुक्रवार को चुनाव आयोग ने 'शिवसेना' नाम और इसका चुनाव चिन्ह 'धनुष और तीर' एकनाथ शिंदे गुट को देने का फैसला किया है। साल 1966 में बाल ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना पर अब ठाकरे परिवार का नियंत्रण खत्म माना जा रहा है। छह महीने पहले एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग में याचिका दाखिल की थी। जिस पर अब तीन सदस्यों वाले आयोग ने एकनाथ शिंद के पक्ष में फैसला सुनाया है। 
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शिंदे गुट के पास बहुमत
एकनाथ शिंदे के पास पार्टी के 55 विधायकों में से 40 विधायकों का और 18 लोकसभा सांसदों में से 13 का समर्थन है। संख्या बल के आधार पर ही चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना माना है। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि 40 विधायक शिंदे गुट का समर्थन कर रहे हैं, जिसके चलते पार्टी को मिले कुल 47,82,440 वोटों में से 36,57,327 वोटों, जो कि कुल वोटों का 76 फीसदी हैं, इनका समर्थन शिंदे गुट के पास है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट के पास सिर्फ 11,25,113 वोट पाने वाले 15 विधायकों का ही समर्थन है। 


सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को चुनाव आयोग को देश के लिए खतरनाक बताया और आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। वहीं एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग के फैसले को सच और लोगों की जीत बताया। उल्लेखनीय है कि एकनाथ शिंदे ने बीते साल जून में बीजेपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी। 

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