{"_id":"5aaa8b124f1c1ba4238b5645","slug":"shiv-sena-take-a-jibe-at-bjp-after-up-and-bihar-by-poll-and-neglect-alliance","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोनिया की डिनर डिप्लोमेसी पर शिवसेना की सर्जिकल स्ट्राइक, भाजपा को भी घेरा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सोनिया की डिनर डिप्लोमेसी पर शिवसेना की सर्जिकल स्ट्राइक, भाजपा को भी घेरा
ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Updated Thu, 15 Mar 2018 09:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद शिवसेना ने एक बार फिर भाजपा पर तंज कसा है। शिवसेना ने कहा है कि यह सिर्फ टेलर है, फिल्म अभी बाकी है। वहीं, भाजपा के साथ गठबंधन के सवाल को भी सिरे से खारिज कर दिया है। बृहस्पतिवार को शिवसेना नेता व महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने कहा कि पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी।
पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने कहा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि शिवसेना अगला चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी। भाजपा यदि शिवसेना के साथ चुनाव में हाथ मिलाना चाहती है तो उस पर फैसला उद्धव ठाकरे करेंगे।
कदम के इस बयान से एक दिन पहले राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने महाराष्ट्र विधानसभा में कहा था कि बीजेपी-शिवसेना अगला चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगी। उन्होंने कहा था कि विपक्ष को यूपी और बिहार उपचुनाव के नतीजों से विपक्ष को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव शिवसेना-भाजपा मिलकर लड़ेंगे। जनता के लिए हम जरूर एक साथ आएंगे।
विज्ञापन
सोनिया की डिनर डिप्लोमेसी पर शिवसेना की सर्जिकल स्ट्राइक
शिवसेना ने उपचुनाव के बहाने जहां भाजपा पर निशाना साधा है वहीं, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की डिनर डिप्लोमेसी पर भी सर्जिकल स्ट्राइक की है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र में भोज बंधुओं की सर्जिकल स्ट्राइक शीर्षक के तहत संपादकीय में लिखा है कि दिल्ली में ऐसे भोज होते रहते हैं लेकिन, यह भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने की कोशिश है।
शिवसेना ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि पार्टी की कमान राहुल को सौंपने के बावजूद सोनिया को एक मजबूत विपक्ष के लिए डिनर डिप्लोमेसी की रणनीति के लिए सामने आना पड़ रहा है।
सोनिया की डिनर पार्टी में 20 विपक्षी पार्टियों के नेता इकट्ठा हुए। शिवसेना ने सवाल किया कि क्या इन भोज बंधुओं के जरिए वह 2019 में भाजपा को सत्ता में आने से रोक पाने में सफल होगी। सोनिया की डिनर पार्टी में शामिल हुए दलों का कितना जनाधार है? शिवसेना ने यूपी और बिहार उपचुनाव में भाजपा को मिली हार का जिक्र करते हुए लिखा है कि इस नतीजों से विपक्ष को ऊर्जा मिल सकती है। लोगों का भ्रम टूट चुका है। लेकिन, उनके बीच के असंतोष को प्रज्वलित करने वाला नेतृत्व विपक्ष के पास नहीं है।
विज्ञापन
पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने कहा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि शिवसेना अगला चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी। भाजपा यदि शिवसेना के साथ चुनाव में हाथ मिलाना चाहती है तो उस पर फैसला उद्धव ठाकरे करेंगे।
विज्ञापन
कदम के इस बयान से एक दिन पहले राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने महाराष्ट्र विधानसभा में कहा था कि बीजेपी-शिवसेना अगला चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगी। उन्होंने कहा था कि विपक्ष को यूपी और बिहार उपचुनाव के नतीजों से विपक्ष को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव शिवसेना-भाजपा मिलकर लड़ेंगे। जनता के लिए हम जरूर एक साथ आएंगे।
विज्ञापन
सोनिया की डिनर डिप्लोमेसी पर शिवसेना की सर्जिकल स्ट्राइक
शिवसेना ने उपचुनाव के बहाने जहां भाजपा पर निशाना साधा है वहीं, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की डिनर डिप्लोमेसी पर भी सर्जिकल स्ट्राइक की है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र में भोज बंधुओं की सर्जिकल स्ट्राइक शीर्षक के तहत संपादकीय में लिखा है कि दिल्ली में ऐसे भोज होते रहते हैं लेकिन, यह भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाने की कोशिश है।
शिवसेना ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि पार्टी की कमान राहुल को सौंपने के बावजूद सोनिया को एक मजबूत विपक्ष के लिए डिनर डिप्लोमेसी की रणनीति के लिए सामने आना पड़ रहा है।
सोनिया की डिनर पार्टी में 20 विपक्षी पार्टियों के नेता इकट्ठा हुए। शिवसेना ने सवाल किया कि क्या इन भोज बंधुओं के जरिए वह 2019 में भाजपा को सत्ता में आने से रोक पाने में सफल होगी। सोनिया की डिनर पार्टी में शामिल हुए दलों का कितना जनाधार है? शिवसेना ने यूपी और बिहार उपचुनाव में भाजपा को मिली हार का जिक्र करते हुए लिखा है कि इस नतीजों से विपक्ष को ऊर्जा मिल सकती है। लोगों का भ्रम टूट चुका है। लेकिन, उनके बीच के असंतोष को प्रज्वलित करने वाला नेतृत्व विपक्ष के पास नहीं है।