सरकारी कार्यालयों से नहीं हटेंगी देवी-देवताओं की तस्वीरें, सर्कुलर वापस
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महाराष्ट्र के सरकारी कार्यालयों में देवी-देवताओं की तस्वीर हटाने को लेकर जारी किए गए परिपत्रक को लेकर बवाल मच गया है। हालांकि शिवसेना की कड़ी नाराजगी के बाद विवादित सर्कुलर वापस ले लिया गया है। लेकिन, हिंदुत्ववादी होने का दावा करने वाली बीजेपी इससे बैकफुट पर आ गई है।
राज्य सरकार की ओर से मंत्रालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों से देवी-देवताओं की तस्वीरों को हटाने का सर्कुलर जारी किया गया था। इसके बाद मंत्रालय से देवी-देवताओं की तस्वीरों को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई थी। इस बीच शुक्रवार को शिवसेना के मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने शिवसेना के मंत्रियों को बताया कि प्रदेश सरकार ने परिपत्रक वापस ले लिया है।
परिपत्रक गलती से जारी किया गया
मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद शिवसेना नेता व प्रदेश के पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने कहा कि यह परिपत्रक सामान्य प्रशासन विभाग ने नहीं बल्कि ग्राम विकास विभाग ने गलती से जारी किया था। जिसे सरकार ने वापस ले लिया है। इसलिए उस पर भविष्य में अमल नहीं होगा। जिस अधिकारी ने परिपत्रक को जारी किया था उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
प्रदेश के शिक्षा मंत्री विनोद तावडे ने बताया कि परिपत्रक जारी करने वाले ग्राम विकास विभाग के कक्ष अधिकारी को सरकार ने बीते 25 जनवरी को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है। तावडे ने दावा किया कि कक्ष अधिकारी ने उप सचिव की मंजूरी के बिना ही परिपत्रक जारी कर दिया था। तावडे ने कहा कि देवी-देवताओं की तस्वीरें हटाने को लेकर कोई अध्यादेश जारी नहीं किया गया था बल्कि केवल ग्राम विकास विभाग ने परिपत्रक जारी किया था।