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Thane Hospital Assault Case: रमेश म्हात्रे को 50 हजार रुपये के मुचलके पर मिली जमानत, कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
Tue, 14 Jul 2026 07:52 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कल्याण (महाराष्ट्र)।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कल्याण (महाराष्ट्र)।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 14 Jul 2026 07:52 PM IST
सार
Thane Hospital Assault Case: डोंबिवली के नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों से कथित तौर पर मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अदालत ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी। पुलिस ने जमानत का विरोध किया था। पढ़िए रिपोर्ट-
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रमेश म्हात्रे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को मंगलवार को एक स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी। कुछ दिन पहले ही उन्हें डोंबिवली के एक नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद सोमवार को अदालत ने म्हात्रे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके तुरंत बाद उनके वकील ने जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया, जिस पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई।
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पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद सोमवार को अदालत ने म्हात्रे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके तुरंत बाद उनके वकील ने जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया, जिस पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई।
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पुलिस ने जमानत याचिका का किया विरोध
सुनवाई के दौरान पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध किया। पुलिस ने दलील दी कि म्हात्रे के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध किया। पुलिस ने दलील दी कि म्हात्रे के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि पुलिस जिन पुराने मामलों का जिक्र कर रही है, उनमें से लगभग सभी मामलों में म्हात्रे या तो बरी हो चुके हैं या फिर उन मामलों की कार्यवाही रद्द कर दी गई है। वकील ने कहा कि वर्तमान में उनके खिलाफ केवल एक आपराधिक मामला लंबित है।
वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि पुलिस जिन पुराने मामलों का जिक्र कर रही है, उनमें से लगभग सभी मामलों में म्हात्रे या तो बरी हो चुके हैं या फिर उन मामलों की कार्यवाही रद्द कर दी गई है। वकील ने कहा कि वर्तमान में उनके खिलाफ केवल एक आपराधिक मामला लंबित है।
रमेश म्हात्रे गिरफ्तार
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
क्या मामला हुआ था?
पुलिस के अनुसार, म्हात्रे और उनके साथियों ने कथित तौर पर दो डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों पर हमला किया था। यह घटना तब हुई, जब एक परिवार को अपने नवजात बच्चे को दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई थी।
पुलिस के अनुसार, म्हात्रे और उनके साथियों ने कथित तौर पर दो डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों पर हमला किया था। यह घटना तब हुई, जब एक परिवार को अपने नवजात बच्चे को दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई थी।
आईएमए ने दी थी चेतावनी
घटना के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया था। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भी दबाव बनाया। आईएमए ने चेतावनी दी थी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह इलाके के क्लीनिक और अस्पताल बंद करने का फैसला ले सकता है। इसके बाद पुलिस ने म्हात्रे और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
घटना के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया था। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने भी दबाव बनाया। आईएमए ने चेतावनी दी थी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वह इलाके के क्लीनिक और अस्पताल बंद करने का फैसला ले सकता है। इसके बाद पुलिस ने म्हात्रे और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे
- फोटो : पीटीआई (पीटीआई)
आठ जुलाई को गिरफ्तार हुए थे म्हात्रे
म्हात्रे को आठ जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उनके तीन साथियों को एक दिन पहले ही पकड़ लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद म्हात्रे ने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें ठाणे जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने अदालत से उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेश करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन कल्याण के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट केएस काटकड़े ने पुलिस की इस मांग को खारिज कर दिया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने का आदेश दिया।
इसके बाद भारी सुरक्षा के बीच म्हात्रे को अस्पताल से अदालत लाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शुरुआत में म्हात्रे और तीन अन्य आरोपियों को 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
म्हात्रे को आठ जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उनके तीन साथियों को एक दिन पहले ही पकड़ लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद म्हात्रे ने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें ठाणे जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने अदालत से उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेश करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन कल्याण के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट केएस काटकड़े ने पुलिस की इस मांग को खारिज कर दिया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने का आदेश दिया।
इसके बाद भारी सुरक्षा के बीच म्हात्रे को अस्पताल से अदालत लाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शुरुआत में म्हात्रे और तीन अन्य आरोपियों को 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया?
चारों आरोपियों के साथ एक महिला समर्थक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें सरकारी कर्मचारी को अपना काम करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना, जानबूझकर चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी देना, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना, गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा करने जैसी धाराएं शामिल हैं।
घटना के बाद म्हात्रे पर हमला करने का आरोप लगाने वाले दोनों डॉक्टरों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।
चारों आरोपियों के साथ एक महिला समर्थक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें सरकारी कर्मचारी को अपना काम करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना, जानबूझकर चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी देना, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना, गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा करने जैसी धाराएं शामिल हैं।
घटना के बाद म्हात्रे पर हमला करने का आरोप लगाने वाले दोनों डॉक्टरों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।