महाराष्ट्र: बावनकुले बोले- जरूरत पड़ी तो साबित कर देंगे बहुमत; NCP को बचाने के लिए पवार ने रचा ड्रामा
बावनकुले ने कहा, 'विपक्ष के नेता अजित पवार और शरद पवार भी जानते हैं कि एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार को कोई खतरा नहीं है। लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो हम राज्य विधानसभा में 184 से अधिक मत जीतकर बहुमत साबित करेंगे।'
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महाराष्ट्र में शिवसेना केंद्रित सियासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले प्रदेश भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा गठबंधन 288 सदस्यीय विधानसभा में 184 से ज्यादा वोट हासिल करके जरूरत पड़ने पर बहुमत साबित कर सकता है। पत्रकारों से बात करते हुए बावनकुले ने यह भी चेतावनी दी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने से पहले उस पर टिप्पणी करना अदालत की अवमानना के समान है।
शीर्ष अदालत ने इस साल मार्च में राज्य के पिछले साल के सियासी संकट से जुड़ी उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुटों की क्रॉस-याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने वाले शिवसेना के 16 विधायकों (शिंदे की पार्टी के) को अयोग्य ठहराने की मांग भी शामिल थी।
'जरूरत पड़ी तो विधानसभा में साबित करेंगे बहुमत'
बावनकुले ने सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'यहां तक कि विपक्ष के नेता अजित पवार और शरद पवार भी जानते हैं कि एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार को कोई खतरा नहीं है। लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो हम राज्य विधानसभा में 184 से अधिक मत जीतकर बहुमत साबित करेंगे।' उन्होंने कहा कि कुछ लोग फैसले के बारे में अटकलें लगा रहे हैं और अगर शीर्ष अदालत संज्ञान लेती है तो वह कड़ी कार्रवाई शुरू कर सकती है।
'48 लोकसभा सीटें जीतेगा शिवसेना-भाजपा गठबंधन'
बावनकुले विपक्षी नेताओं की उन टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि मुख्यमंत्री शिंदे शीर्ष अदालत के फैसले से पहले इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में लड़ा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अगली सरकार भी शिवसेना-भाजपा गठबंधन की ही बनेगी। बावनकुले ने कहा, हम मिलकर 48 लोकसभा सीटें जीतेंगे और विधानसभा चुनाव (2024 की दूसरी छमाही में) भी जीतेंगे।
'प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 60 हजार घरों तक पहुंचने की योजना'
बावनकुले ने बताया कि प्रदेश भाजपा ने 1 करोड़ घरों तक पहुंचने के लिए 'घर चलो अभियान' शुरू किया है। उन्होंने कहा, ''इस अभियान के तहत हम महाराष्ट्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 60,000 घरों तक पहुंचने और बूथों को मजबूत करने की योजना बना रहे हैं। हम केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को आम आदमी तक पहुंचाएंगे।"
'पवार ने पार्टी को बचाने के लिए रची इस्तीफे की साजिश'
बावनकुले ने दावा किया कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के साथ गठबंधन करने की अपनी 'गलती' का एहसास होने के बाद अपनी पार्टी को विनाश से बचाने के लिए इस्तीफे की साजिश रची और बाद में अपना फैसला वापस ले लिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि पवार अपनी पार्टी के मूड को भुनाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि कांग्रेस व उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली संकटग्रस्त शिवसेना के बीच राकांपा खत्म हो सकती है।
'पवार ने पार्टी का मूड भापने के लिए किया इस्तीफे का नाटक'
बावनकुले ने दावा किया कि शिवसेना और कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बाद शरद पवार को एहसास हुआ कि वह भटक गए हैं और एमवीए में शामिल होकर गलती की है क्योंकि पूर्ववर्ती एमवीए सरकार का नेतृत्व करने वाले उद्धव ठाकरे के पास अपनी पार्टी चलाने की क्षमता नहीं है क्योंकि 40 विधायकों ने ठाकरे की पार्टी छोड़ दी। उन्होंने कहा, अपनी पार्टी को खत्म होने से बचाने के लिए पवार ने एनसीपी प्रमुख के रूप में इस्तीफा के नाटक की पटकथा लिखी। भाजपा नेता ने दावा किया कि बाद में उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया क्योंकि वह पार्टी के मूड को भांपना चाहते थे।
एनसीपी नेता आव्हाड के खिलाफ केस दर्ज
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र की सरकार में मंत्री रहे जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ विवादित बयान के एक मामले में शिकायत दर्ज की गई है। एक अधिकारी ने कहा कि ठाणे पुलिस ने बुधवार को एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड के खिलाफ 'द केरल स्टोरी' फिल्म पर उनकी टिप्पणी के लिए मानहानि के आरोप में गैर संज्ञेय (एनसी) अपराध दर्ज किया। आव्हाड ने एक बयान में कहा था कि ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के निर्माता को सरेआम फांसी पर लटका देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि इस फिल्म के जरिये केरल और राज्य की महिलाओं का अपमान किया गया है।