फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Shiv sena and others protest alleged desecration of Shivaji statue in Bengaluru

महाराष्ट्र: बेंगलुरु में शिवाजी की प्रतिमा तोड़ने के खिलाफ शिवसेना का प्रदर्शन, एनसीपी कार्यकर्ताओं ने किया प्रतिमाओं का दुग्धाभिषेक

Sun, 19 Dec 2021 06:44 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Sun, 19 Dec 2021 06:44 PM IST
सार

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि 'इस घटना की जांच होनी चाहिए, बेलगाम के सीमावर्ती क्षेत्रों में माराठी भाषी लोग सालों से अत्याचारों का सामना कर रहे हैं। अब, शिवाजी की प्रतिमा का अपमान हुआ है, इसके बावजूद कर्नाटक की राज्य सरकार ने इस पर आंखें मूंद ली हैं।

विज्ञापन
Shiv sena and others protest alleged desecration of Shivaji statue in Bengaluru
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई - फोटो : एएनआई

विस्तार

कर्नाटक के बेंगलुरु में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ दल शिवसेना और अन्य संगठनों ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पहले मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए इस घटना को लेकर कर्नाटक सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। 

विज्ञापन

मुंबई में पांडुरंग सापकल के नेतृत्व में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने इस घटना एवं कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के रवैये के विरूद्ध नारेबाजी की। महाराष्ट्र के मंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया था कि बोम्मई ने इस घटना को छोटी-मोटी घटना बताया। सापकल ने कर्नाटक सरकार को इस घटना के परिणाम की चेतावनी दी। महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन किया गया।

विज्ञापन


शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई में किया प्रदर्शन, सीएम बोम्मई से माफी की मांग
इस घटना के खिलाफ महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुंबई में विरोध-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शिवाजी पार्क में स्थित शिवाजी की प्रतिमा के पास पार्टी विधायक सदा सरवंकर और मनीषा कायांदे की अगुवाई में हुआ। मनीषा कयांदे ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बोम्मई को माफी मांगने का निर्देश देना चाहिए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस घटना की निंदा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्नाटक के सीएम बोले- शिवाजी हमारे आदर्श, 30 लोग किए जा चुके गिरफ्तार
वहीं इस घटना पर कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि 'शिवाजी महाराज और संगोली रायन्ना, दोनों स्वतंत्रता सेनानी और हमारे आदर्श हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं और उनकी नीतियों का अनुसरण करता हूं। कुछ असामाजिक तत्व अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और लोगों को भाषा और अन्य चीजों के मामले में विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।" बोम्मई ने बताया कि शिवाजी महाराज और सांगोली रायन्ना की मूर्तियों को तोड़े जाने के मामले में कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एनसीपी: शिवाजी की प्रतिमा का किया दुग्धाभिषेक, बोम्मई की फोटो पर तमाचे
उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और ठाणे सिटी व अंबरनाथ टाउनशिप में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं का दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की निंदा की। एनसीपी कार्यकर्ताओं ने इस दौरान बोम्मई की तस्वीर को चांटे भी मारे। इसी तरह ठाणे सिटी की मसुंदा लेक के पास स्थित शिवाजी की प्रतिमा का भी दुग्धाभिषेक किया गया था। 

उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की
कर्नाटक की घटना को लेकर महाराष्ट्र के बेलगाम, मुंबई, कोल्हापुर और सांगली में विरोध-प्रदर्शन हुए। महाराष्ट्र के सभी दलों के नेताओं ने इस घटना की निंदा की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की और उनसे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों और कर्नाटक में मराठी भाषी लोगों के खिलाफ अत्याचार के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।

सरकार की ओर से जारी एक बयान में, ठाकरे ने कहा कि पीएम मोदी को व्यक्तिगत रूप से इस जघन्य कृत्य को देखना चाहिए और कर्नाटक में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से इसके पीछे शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की न केवल महाराष्ट्र में बल्कि पूरे देश में पूजा की जाती है और उनका जरा भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा, 'इस घटना की जांच होनी चाहिए, बेलगाम के सीमावर्ती क्षेत्रों में माराठी भाषी लोग सालों से अत्याचारों का सामना कर रहे हैं। अब, शिवाजी की प्रतिमा का अपमान हुआ है, इसके बावजूद कर्नाटक की राज्य सरकार ने इस पर आंखें मूंद ली हैं। पीएम मोदी ने इस सप्ताह की शुरुआत में काशी विश्वनाथ धाम में अपने भाषण में छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम और कौशल की प्रशंसा की थी। उसके कुछ दिनों बाद ही यह घटना हुई है।' 



ठाकरे ने कहा कि 'स्थानीय कर्नाटक सरकार मराठी भाषी लोगों की आवाज को दबा रही है।' ठाकरे ने आगे कहा कि कुछ लोग राजनीति के लिए शिवाजी महाराज के नाम का उपयोग करते हैं, लेकिन जब उनका अपमान होता है तो कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। उन्हें मराठी गौरव के अपमान करने की कीमत चुकानी पड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed