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शिलॉन्ग: भीड़ ने पुलिस पर फेंका पेट्रोल बम, चौथे दिन भी हालात असामान्य, इंटरनेट सेवाएं बंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:42 PM IST
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शिलॉन्ग हिंसा
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मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में हिंसा के बाद चौथे दिन भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। गुरुवार को खासी लड़के और सिख महिला के बीच हुई बहस के बाद भड़की हिंसा से क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया था। जिसमें रविवार को थोड़ी ढील दी गई थी। मगर इसी बीच हालात दोबारा बिगड़ गए हैं। दरअसल, रविवार शाम को कुछ लोगों ने सुरक्षाबलों पर पेट्रोल बम से हमला कर दिया। गश्त करती पुलिस की एक टुकड़ी पर भीड़ ने पेट्रोल बम से हमला कर दिया।
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इस हमले के बाद पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले दागे। हालात बिगड़ने के बाद यहां अब भी कर्फ्यू जारी है और इंटरनेट सेवाएं भी ठप्प पड़ी हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मेघालय में सिखों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर रंधावा के नेतृत्व में चार सदस्यों की एक टीम को हालातों का जायजा लेने के लिए मेघालय भेज दिया है।
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मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने पत्रकारों से कहा कि कुछ लोग शहर में अशांति फैलाने के लिए इसकी फंडिंग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को शराब और पैसा सप्लाई करने के सबूत मिले हैं। संगमा ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह झड़प सांप्रदायिक नहीं बल्कि विशेष इलाके तक ही सीमित है। पंजाबी लाइन में रहने वाले लोगों और खासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सरकारी बस कर्मियों के बीच हुई झड़पों के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल के नेताओं की एक टीम दिल्ली से क्षेत्र में पहुंची है। टीम ने मुख्यमंत्री और पंजाबी लेन के लोगों से मुलाकात की।
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प्रदर्शनकारियों ने पर्यटकों के कई वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानें भी जला दीं। इस मामले में अब तक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, खासी छात्र संघ समेत विभिन्न संगठनों ने थेम मोटर इलाके से जहां हिंसा भड़की थी वहां से अवैध रूप से बसने वाले लोगों को हटाने की मांग की है। उन्होंने हिंसा के दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की भी मांग की है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने यहां एक उच्च-स्तरीय बैठक में परिस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से शांति बहाल करने की अपील की है।