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मुजफ्फरपुर शेल्टरहोम कांड : ईडी ने कुर्क की ब्रजेश ठाकुर की 7.30 करोड़ रुपए की संपत्ति
Thu, 14 Mar 2019 02:16 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 14 Mar 2019 02:16 AM IST
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ब्रजेश कुमार ठाकुर
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बिहार के मुजफ्फरपुर के चर्चित शेल्टर होम मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की कुल 7.30 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने जब्त कर ली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। बता दें कि इस शेल्टर होम में ब्रजेश ठाकुर के संरक्षण में नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण किए जाने के आरोप लगे थे।
ईडी ने बताया कि पीएमएलए के तहत ठाकुर की संपत्तियों को कुर्क किए जाने का आदेश जारी किया गया था। ठाकुर ही इस शेल्टर होम और इसे चलाने वाले एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति का मालिक है। ईडी के मुताबिक, ठाकुर की कुर्क चल-अचल संपत्तियों में 26 प्लॉट, तीन वाहनों के अलावा 37 बैंक खातों में जमा धन, म्युचुअल फंड और बीमा पॉलिसियाें में किए निवेश के कागजात शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 7.30 करोड़ रुपये आंकी गई है। ईडी ने इस मामले में पीएमएलए के तहत पिछले साल अक्तूबर में मामला दर्ज किया था।
क्या था शेल्टर होम मामला
मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने अप्रैल, 2018 में बिहार के समाज कल्याण विभाग को राज्य के सभी शेल्टर होम में मौजूद युवतियों व बच्चियों की एक ऑडिट रिपोर्ट सौंपी थी। इसी रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में मौजूद बच्चियों से दुष्कर्म व यौन शोषण का मामला सामने आया। मेडिकल जांच में शेल्टर होम की 42 में से 34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। मई, 2018 में ब्रजेश ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में यह जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
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ईडी ने बताया कि पीएमएलए के तहत ठाकुर की संपत्तियों को कुर्क किए जाने का आदेश जारी किया गया था। ठाकुर ही इस शेल्टर होम और इसे चलाने वाले एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति का मालिक है। ईडी के मुताबिक, ठाकुर की कुर्क चल-अचल संपत्तियों में 26 प्लॉट, तीन वाहनों के अलावा 37 बैंक खातों में जमा धन, म्युचुअल फंड और बीमा पॉलिसियाें में किए निवेश के कागजात शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 7.30 करोड़ रुपये आंकी गई है। ईडी ने इस मामले में पीएमएलए के तहत पिछले साल अक्तूबर में मामला दर्ज किया था।
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क्या था शेल्टर होम मामला
मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने अप्रैल, 2018 में बिहार के समाज कल्याण विभाग को राज्य के सभी शेल्टर होम में मौजूद युवतियों व बच्चियों की एक ऑडिट रिपोर्ट सौंपी थी। इसी रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में मौजूद बच्चियों से दुष्कर्म व यौन शोषण का मामला सामने आया। मेडिकल जांच में शेल्टर होम की 42 में से 34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। मई, 2018 में ब्रजेश ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में यह जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
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