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पीके की डिमांड पर लग सकती है मुहर, शीला दीक्षित होंगी यूपी में कांग्रेस का चेहरा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 16 Jun 2016 03:10 PM IST
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शीला दीक्षित होंगी यूपी में कांग्रेस का चेहरा
- फोटो : PTI
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की बिसात बिछना शुरू हो गई है। कांग्रेस ने भी लगभग अपने उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए अपने ब्राहमण चेहरे का चुनाव कर लिया है। कांग्रेस के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आज दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगी। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए शीला दीक्षित कांग्रेस की तरफ उम्मीदवार हो सकती हैं।
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समाचार चैनल एनडीटीवी को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि 78 वर्षीय शीला दीक्षित उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा हो सकती है। बताया जा रहा है साथ ही प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी का जनाधार, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से बहुत पीछे है।
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कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश चुनावों की रणनीति तैयार करने वाले प्रशांत किशोर ने पार्टी को सलाह दी थी कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का मुख्यमंत्री पद के लिए एक ब्राहमण चेहरा उतारना चाहिए।
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प्रियंका गांधी ने खुद को अभी तक अमेठी और रायबरेली तक ही सीमित रखा
प्रियंका गांधी पार्टी का प्रचार अन्य राज्यों में भी करें
- फोटो : PTI
शीला दीक्षित के परिवार के रिश्ते उत्तर प्रदेश से रहे हैं। शीला दीक्षित के ससुर उमा शंकर दीक्षित उत्तर प्रदेश से ही थे। उमा शंकर कांग्रेस के प्रख्यात नेता होने के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल भी रह थे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर ने पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने का प्रस्ताव रखा था पर इस प्रस्ताव को रोक दिया गया।
प्रियंका गांधी ने खुद को अभी तक अमेठी और रायबरेली तक ही सीमित रखा और यहीं पर चुनाव प्रचार किया है। यह दोनों संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के खाते में आते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी की मांग है और समय आ गया है कि प्रियंका गांधी पार्टी का प्रचार अन्य राज्यों में भी करें। उत्तर प्रदेश विधानसभा की 404 सीटों में से कांग्रेस के खाते में मात्र 30 सीट ही हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर ने पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने का प्रस्ताव रखा था पर इस प्रस्ताव को रोक दिया गया।
प्रियंका गांधी ने खुद को अभी तक अमेठी और रायबरेली तक ही सीमित रखा और यहीं पर चुनाव प्रचार किया है। यह दोनों संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के खाते में आते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी की मांग है और समय आ गया है कि प्रियंका गांधी पार्टी का प्रचार अन्य राज्यों में भी करें। उत्तर प्रदेश विधानसभा की 404 सीटों में से कांग्रेस के खाते में मात्र 30 सीट ही हैं।