फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sheena Bora case: Court partially allows Indrani's plea seeking documents not part of chargesheet

शीना बोरा हत्याकांड: विशेष अदालत से इंद्राणी मुखर्जी को राहत, जानें कोर्ट ने कौन सी मांग मानी और क्या ठुकरा दी

Sat, 01 Nov 2025 10:38 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 01 Nov 2025 10:38 PM IST
सार

शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को विशेष अदालत से थोड़ी राहत मिली है। दरअसल, इंद्राणी मुखर्जी ने अपनी अर्जी में कहा था कि ऐसे दस्तावेज जो अभियोजन ने इस्तेमाल नहीं किए, उन्हें देखना जरूरी है ताकि रक्षा पक्ष गवाहों से सही तरीके से जिरह कर सके और मुकदमे की तैयारी कर सके।

विज्ञापन
Sheena Bora case: Court partially allows Indrani's plea seeking documents not part of chargesheet
विशेष सीबीआई अदालत से इंद्राणी मुखर्जी को आंशिक राहत - फोटो : ANI

विस्तार

मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को इंद्राणी मुखर्जी की उस अर्जी को आंशिक रूप से मंजूरी दी, जिसमें उन्होंने जांच के दौरान जुटाए गए लेकिन आरोपपत्र (चार्जशीट) में शामिल न किए गए कुछ दस्तावेजों की मांग की थी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - आंध्र प्रदेश में त्रासदियों की श्रृंखला: श्रीकाकुलम ही नहीं, 2025 में भगदड़ और प्राकृतिक आपदा से भी दहला राज्य
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान विशेष सीबीआई जज की टिप्पणी
विशेष सीबीआई जज जेपी डेरेकर ने कहा कि कुछ दस्तावेज जैसे फॉरेंसिक रिपोर्ट और फ्लाइट डेटा जैसी सूचनाओं में कोई गोपनीय या संवेदनशील बात नहीं है, इसलिए न्याय के हित में अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) को इन्हें पेश करने और इनकी प्रतियां आरोपियों को देने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने केस डायरी के जांच की अनुमति ठुकराई
हालांकि, अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी की उस मांग को ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने स्थानीय पुलिस की प्राथमिकी (एफआईआर) से जुड़ी केस डायरी और कुछ अन्य दस्तावेजों की जांच करने की अनुमति मांगी थी। जज ने कहा कि कानून के अनुसार आरोपी या उसके वकील को केस डायरी देखने या उपयोग करने का अधिकार नहीं है।


इंद्राणी मुखर्जी ने अपनी अर्जी में कहा था कि इन 'अप्रकाशित दस्तावेज' यानी ऐसे दस्तावेज जो अभियोजन ने इस्तेमाल नहीं किए, उन्हें देखना जरूरी है ताकि रक्षा पक्ष गवाहों से सही तरीके से जिरह कर सके और मुकदमे की तैयारी कर सके। इस समय अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही चल रही है।

यह भी पढ़ें - Karnataka: 'बेलगावी कर्नाटक का हिस्सा, महाराष्ट्र में कभी नहीं जाएगा', सीमा विवाद पर सिद्धारमैया की दो टूक

क्या है शीना बोरा हत्याकांड?
गौरतलब है कि 24 वर्षीय शीना बोरा 24 अप्रैल 2012 को मुंबई से लापता हो गई थीं। अभियोजन के अनुसार, इंद्राणी मुखर्जी ने अपने चालक श्यामवर राय (जो बाद में सरकारी गवाह बन गया) और पूर्व पति संजय खन्ना के साथ मिलकर शीना की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद लाश को रायगढ़ के जंगल में जलाकर फेंक दिया गया था। यह सनसनीखेज हत्या मामला 2015 में तब उजागर हुआ, जब चालक श्यामवर राय को एक अन्य केस में गिरफ्तार किया गया और उसने पुलिस को पूरी कहानी बताई। मामले की सुनवाई अभी जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed