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महिला अधिकारी ने रचा नया इतिहास: कौन हैं शक्ति शर्मा? जो बनीं पहली गैर-चिकित्सकीय महिला एयर वाइस मार्शल

Tue, 01 Sep 2026 07:23 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 01 Sep 2026 07:23 PM IST
सार

भारतीय वायुसेना की अधिकारी शक्ति शर्मा ने महिला अधिकारियों के लिए नया इतिहास रचा है। वह सशस्त्र बलों में एयर वाइस मार्शल या समकक्ष पद पाने वाली पहली गैर-चिकित्सकीय महिला अधिकारी बनी हैं। आखिर उन्होंने यह मुकाम कैसे हासिल किया। वायुसेना में उनका अब तक का सफर कैसा रहा और नई जिम्मेदारी क्या है? आइए, विस्तार से इस ऐतिहासिक उपलब्धि की पूरी कहानी को जानते हैं...
 

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IAF Shakti Sharma Becomes First Non-Medical Woman Air Vice Marshal in Indian Armed Forces
पहली गैर-चिकित्सकीय महिला एयर वाइस मार्शल बनीं शक्ति शर्मा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारतीय वायुसेना में एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने इतिहास रच दिया है। वह देश के सशस्त्र बलों में एयर वाइस मार्शल या समकक्ष रैंक हासिल करने वाली पहली गैर-चिकित्सकीय महिला अधिकारी बन गई हैं। उन्होंने एक सितंबर को एयर मुख्यालय में सहायक वायुसेना प्रमुख (शिक्षा) का पद संभाला। इससे पहले वह एयर कमोडोर के पद पर कार्यरत थीं।
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उन्हें यह उपलब्धि क्यों खास मानी जा रही है?

शक्ति शर्मा की उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले सशस्त्र बलों में किसी गैर-चिकित्सकीय महिला अधिकारी ने एयर वाइस मार्शल के पद तक नहीं पहुंचा था। उनकी नियुक्ति महिला अधिकारियों के बढ़ते नेतृत्व और जिम्मेदारियों को दिखाती है। यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना में महिलाओं के लिए एक नया अध्याय भी मानी जा रही है।
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वायुसेना में उनका सफर कब और कैसे शुरू हुआ?

शक्ति शर्मा को 18 जून 1994 को भारतीय वायुसेना की शिक्षा शाखा में कमीशन मिला था। तीन दशक से ज्यादा के करियर में उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों, फील्ड स्टेशनों, कमांड मुख्यालय और एयर मुख्यालय में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। लंबे अनुभव के बाद अब उन्हें एयर मुख्यालय में सहायक वायुसेना प्रमुख (शिक्षा) की जिम्मेदारी दी गई है।
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उन्होंने अपने करियर में कौन-कौन से काम किए?

शक्ति शर्मा ने शिक्षा और रक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण संस्थागत कामों में नेतृत्व किया। उन्होंने आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय में वायुसेना के उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। इन केंद्रों का उद्देश्य शिक्षा और रक्षा से जुड़े रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना था। वह तीनों सेनाओं की पहली महिला अधिकारी भी बनीं, जिन्होंने सैनिक स्कूल की कमान संभाली। उन्होंने सैनिक स्कूल कपूरथला की प्रिंसिपल के तौर पर काम किया।

नई जिम्मेदारी के साथ क्या संदेश गया है?

एयर वाइस मार्शल के पद पर शक्ति शर्मा की नियुक्ति महिला अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। तीन दशक से ज्यादा की सेवा के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यात्रा यह बताती है कि भारतीय रक्षा बलों में महिलाओं को अब नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारियां मिल रही हैं। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा मानी जा रही है।

एयर मार्शल संदीप थरेजा को भी नई जिम्मेदारी

  • वहीं, एयर मार्शल संदीप थरेजा ने मंगलवार को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक (डीजीएएफएमएस) का कार्यभार संभाल लिया। वह इस पद पर पहुंचने वाले 47वें अधिकारी हैं। उनकी नई जिम्मेदारी में जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की निगरानी करना शामिल है। इससे पहले डीजी एमएस (एयर) के तौर पर उन्होंने गगनयान मिशन को गति देने और अंतरिक्ष यात्रियों के चयन व प्रशिक्षण से पहले होने वाले एनालॉग प्रयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा में कार्यभार संभालने के साथ ही सैन्य अभियानों के लिए चिकित्सा तैयारियों को मजबूत करना, स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण, डिजिटल स्वास्थ्य, चिकित्सा अनुसंधान और मानव संसाधन विकास उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में होंगे। सशस्त्र बल चिकित्सा कॉलेज, पुणे के पूर्व छात्र थरेजा दिसंबर 1986 में आर्मी मेडिकल कोर में कमीशन हुए थे।
  • वह चिकित्सक और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट हैं। करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने 167 मिलिट्री अस्पताल के कमांडेंट, बेस अस्पताल दिल्ली कैंट में वरिष्ठ प्रशासनिक जिम्मेदारियां और कमांड अस्पताल, सेंट्रल कमांड के कमांडेंट समेत कई अहम पद संभाले। उन्होंने एएफएमसी पुणे के निदेशक और कमांडेंट के रूप में चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान को भी आगे बढ़ाया। कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
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