अमर उजाला से बातचीत में बोले शत्रुघ्न सिन्हा, बॉलीवुड में योग्यता और मेहनत का कोई विकल्प नहीं

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 05 Jul 2020 09:04 PM IST
विज्ञापन
शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा - फोटो : PTI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में चल रहे परिवारवाद और गुटबाजी विवाद पर जाने माने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ कहा है कि बॉलीवुड में योग्यता और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। जिसमें लगन मेहनत और योग्यता होती है उसे बॉलीवुड में मौका जरूर मिलता है, अगर जनता उसे पसंद करती है तो वह सफलता की ऊंचाई पर पहुंचता है।
विज्ञापन

इन दिनों करण जौहर, आदित्य चोपड़ा, संजय लीला भंसाली, शाहरुख खान, सलमान खान जैसे कई नामी गिरामी फिल्मी हस्तियों की फिल्मों के बहिष्कार की सोशल मीडिया में कुछ लोगों द्वारा की जा रही अपील को शत्रुघ्न सिन्हा ने अनुचित बताया। सिन्हा ने कहा कि बहिष्कार करने वालों को समझना चाहिए कि किसी भी फिल्म में सिर्फ निर्माता निर्देशक और हीरो हिरोइन ही नहीं होते, बल्कि संगीतकार, गीतकार, तमाम दूसरे कलाकार, कैमरामैन, एडिटर, लाइटमैन, साउंड विशेषज्ञ, संवाद लेखक, डांस कोरियोग्राफर, एक्शन कोरियोग्राफर, स्टंटमैन, फिल्म वितरक, तकनीशियन और न जाने कितन लोगों का भविष्य जुड़ा होता है।
फिल्म इंडस्ट्री में सबका पैमाना एक 
बहिष्कार का मतलब इन सबके पेट पर चोट करना है जो किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। अमर उजाला डॉट कॉम के लाइव कार्यक्रम के विशेष बातचीत में शत्रुघ्न सिन्हा ने यह बात कही। सुशांत सिंह की आत्महत्या पर उठे एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस फिल्म इंडस्ट्री में सबका केवल एक पैमाना होता है कि उस व्यक्ति की फिल्में सफल होती हैं या नहीं। अगर फिल्में सफल हैं तो वह किसी भी माध्यम से आया हुआ व्यक्ति हो, उसे स्वीकार किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें कभी परिवारवाद का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन उनके समय में भी ग्रुप होते थे जो आज भी हैं।

अंतिम फैसला जनता के हाथ
बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राजनीति हो या फिल्मी दुनिया, यहां किसी की भी सफलता का अंतिम फैसला जनता के हाथ होता है। परिवार के दम पर किसी को फिल्में मिल तो सकती हैं, लेकिन उन्हें सफल तभी कहा जा सकता है जब जनता उन्हें पसंद करने लगती है। इसी प्रकार राजनीति में भी अंतिम फैसला जनता के हाथ ही होता है कि वह किसी को अपना नेता स्वीकार करती है या नहीं।

सिन्हा ने कहा कि विरोध करने और अपनी बात कहने का हक सबको है, लेकिन तथ्यों और सच्चाई के साथ, ना कि सिर्फ एक दूसरे पर कीचड़ उछालने के लिए विरोध किया जाए। उन्होंने कहा कि कीचड़ उछालने का यह खेल अब बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई जानी मानी फिल्मी हस्तियां हमारे बीच से चली गईं। हमें अपने बेहतरीन काम से बॉलीवुड को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना होगा और जो चले गए हैं उनकी कमी अपने काम से पूरी करनी होगी।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

हायतौबा मचाने वाले तब कहां थे जब सुशांत सिंह जीवित थे...

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X