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शशि थरूर बनाम कांग्रेस: 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर बयानबाजी से खुला पार्टी में अंदरूनी विवाद, जानें पूरा मामला

Thu, 29 May 2025 05:23 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 29 May 2025 05:23 PM IST
सार

वहीं पार्टी के भीतर हो रही आलोचना के बीच शशि थरूर ने चुप्पी तोड़ी और ट्वीट कर कहा, 'उन अंधभक्तों के लिए जो मेरी कथित अज्ञानता पर भड़क रहे हैं, मैं कहना चाहता हूं कि मेरे पास करने के लिए और भी बेहतर काम हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है और वे ट्रोल्स और आलोचकों की बातों में नहीं आने वाले।

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Shashi Tharoor vs Congress: Statements on 'surgical strike' exposed internal conflict in the party, know
शशि थरूर और पवन खेड़ा - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर और पार्टी के अन्य नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मामला 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ा है, जिसे लेकर थरूर ने हाल ही में एक बयान दिया था। उन्होंने कहा कि भारत की पहली आधिकारिक सर्जिकल स्ट्राइक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुई थी। इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर ही नाराज़गी बढ़ गई। पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने शशि थरूर की 2018 में छपी किताब 'द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर' का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर साझा किया। उस हिस्से में थरूर ने खुद मोदी सरकार की आलोचना की थी कि उसने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को चुनावी फायदे के लिए 'शर्मनाक' ढंग से प्रचारित किया था।
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थरूर ने अपनी किताब में क्या लिखा था?
पवन खेड़ा की तरफ से साझा किए गए अंश में थरूर ने लिखा था कि 'कांग्रेस ने कभी भी अपनी सैन्य कार्रवाइयों को चुनावी हथियार नहीं बनाया, जबकि मोदी सरकार ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को प्रचार का जरिया बना लिया।' पवन खेड़ा ने यह भी बताया कि कांग्रेस के समय में भी सर्जिकल स्ट्राइक होती थीं, लेकिन उन्हें प्रचारित नहीं किया जाता था।
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क्या है कांग्रेस की नाराजगी?
थरूर के हालिया बयान से कांग्रेस पार्टी में खलबली मच गई। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, थरूर की टिप्पणी से नेतृत्व नाराज है, खासतौर पर इसलिए क्योंकि उन्होंने विदेश में जाकर (पनामा में) मोदी सरकार की तारीफ कर दी। कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि यूपीए सरकार (2004–2014) के समय कम से कम छह सर्जिकल स्ट्राइक हुईं, लेकिन उन्हें कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। इस दावे के समर्थन में पवन खेड़ा ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का एक पुराना इंटरव्यू भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की हैं।

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भाजपा ने थरूर का किया बचाव
थरूर की टिप्पणी पर जहां कांग्रेस नाराज दिखी, वहीं भाजपा ने उनका बचाव किया। भाजपा ने 2018 के एक आरटीआई जवाब का हवाला दिया, जिसमें सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (डीजीएमओ) ने कहा था कि 29 सितंबर 2016 से पहले की गई किसी सर्जिकल स्ट्राइक का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। भाजपा ने कहा कि थरूर जो कह रहे हैं, वो भारत की आधिकारिक स्थिति है और इसमें कोई गलत बात नहीं।

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