{"_id":"5d77b9bd8ebc3e01574213e1","slug":"shashi-tharoor-says-election-is-required-for-most-posts-in-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस में ज्यादातर पदों के लिए चुनाव जरूरी: शशि थरूर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कांग्रेस में ज्यादातर पदों के लिए चुनाव जरूरी: शशि थरूर
Tue, 10 Sep 2019 08:28 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 10 Sep 2019 08:28 PM IST
विज्ञापन
शशि थरूर (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि कार्यसमिति सहित पार्टी में ज्यादातर पदों के लिए चुनाव जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में जल्द ही पार्टी के भीतर चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
विज्ञापन
केरल के तिरुअनंतपुरम से सांसद थरूर ने कहा, मैंने कई बार कहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति समेत नेतृत्व के ज्यादातर पदों के लिए कार्यकर्ताओं के बीच चुनाव जरूरी है। पार्टी में आंतरिक चुनाव से भविष्य के नेताओं को सफलतापूर्वक काम करने में मदद मिलेगी और पार्टी के भीतर नई ऊर्जा का संचार होगा।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बयान का समर्थन करने के संदर्भ में पूछे जाने पर थरूर ने कहा कि वह ऐसा कहने वाले पहले व्यक्ति हैं कि मोदी सरकार में बहुत सारी चीजें ऐसी नहीं है, जिन्हें सकारात्मक रूप में देखा जाए।
विज्ञापन
अपनी नई किताब ‘द हिंदू वे: एन इंट्रोडक्शन टू हिंदुइज्म’ की लांचिंग से पहले थरूर ने कहा कि मोदी इस चुनाव में वोट प्रतिशत को 31 से बढ़ाकर 37 करने में सफल रहे हैं और जब कांग्रेस का वोट प्रतिशत 19 फीसदी ही रहा तो हमें यह समझने के लिए प्रयास करना होगा कि ऐसा क्यों हुआ।
थरूर ने कहा, बड़ी संख्या में मतदाता ये सोचते हैं कि मोदी ने उनके लिए काम किया है। ये सच है कि मोदी सरकार ने शौचालयों का निर्माण कराया, लेकिन 60 फीसदी शौचालयों में पानी नहीं है। सरकार ने गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर दिए, लेकिन इनमें से 92 फीसदी महिलाएं सिलेंडर रिफिल नहीं करा सकती हैं, क्योंकि उनके पास पैसे नहीं हैं।