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PM मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी मामला: शशि थरूर को मानहानि केस में SC से राहत, शिकायतकर्ता को नोटिस जारी
Tue, 10 Sep 2024 01:20 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 10 Sep 2024 01:20 PM IST
सार
हाल ही में इस मामले में राहत के लिए थरूर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, कोर्ट ने उनकी याचिका को ठुकरा दिया था।
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शशि थरूर
- फोटो : ANI (Video Grab)
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी मामले में मानहानि केस का सामना कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में निचली अदालत में जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले भाजपा नेता राजीव बब्बर को भी नोटिस जारी किया है और थरूर की याचिका पर चार हफ्ते के अंदर जवाब देने के लिए कहा है।
हाल ही में इस मामले में राहत के लिए थरूर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, कोर्ट ने उनकी याचिका को ठुकरा दिया था। इसके बाद सोमवार को ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मामले में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच ने चार बजे तक सुनवाई चलाने की सामान्य परंपरा को तोड़ते हुए शाम छह बजे तक सुनवाई की।
मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 अगस्त को थरूर के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी घृणित और निंदनीय हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, टिप्पणी से प्रधानमंत्री, सत्तारूढ़ भाजपा के साथ-साथ इसके पदाधिकारियों और सदस्यों की भी मानहानि हुई है।
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भाजपा की तरफ से दर्ज कराई गई थी शिकायत
थरूर के खिलाफ भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष राजीव बब्बर ने शिकायत दायर की थी। कांग्रेस नेता ने निचली अदालत के 27 अप्रैल, 2019 के आदेश को निरस्त किए जाने का आग्रह किया था, जिसमें उन्हें बब्बर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत के साथ-साथ 2 नवंबर, 2018 की शिकायत में आरोपी के रूप में तलब किया गया था।
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हाल ही में इस मामले में राहत के लिए थरूर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, कोर्ट ने उनकी याचिका को ठुकरा दिया था। इसके बाद सोमवार को ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मामले में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व वाली बेंच ने चार बजे तक सुनवाई चलाने की सामान्य परंपरा को तोड़ते हुए शाम छह बजे तक सुनवाई की।
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मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 अगस्त को थरूर के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी घृणित और निंदनीय हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, टिप्पणी से प्रधानमंत्री, सत्तारूढ़ भाजपा के साथ-साथ इसके पदाधिकारियों और सदस्यों की भी मानहानि हुई है।
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भाजपा की तरफ से दर्ज कराई गई थी शिकायत
थरूर के खिलाफ भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष राजीव बब्बर ने शिकायत दायर की थी। कांग्रेस नेता ने निचली अदालत के 27 अप्रैल, 2019 के आदेश को निरस्त किए जाने का आग्रह किया था, जिसमें उन्हें बब्बर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि शिकायत के साथ-साथ 2 नवंबर, 2018 की शिकायत में आरोपी के रूप में तलब किया गया था।