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Nobel Prize: सलमान रुश्दी की 'विक्ट्री सिटी' से प्रभावित हुए शशि थरूर, कहा- नोबेल प्राइज देने का समय आ गया है
Tue, 02 May 2023 02:39 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 02 May 2023 02:39 PM IST
सार
शशि थरूर ने सलमान रुश्दी को नोबेल पुरस्कार देने की मांग करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि महानतम जीवित भारतीय लेखक को प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार दिया जाए।
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Shashi Tharoor
- फोटो : Social Media
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विस्तार
राजनेता और लेखक शशि थरूर ने बुकर पुरस्कार विजेता सलमान रुश्दी की एक उपन्यास पढ़ने के बाद मंगलवार को उनकी प्रशंसा की। उन्होंने मुंबई में जन्में रुश्दी की तारीफ में कहा कि अब नोबेल पुरस्कार को महानतम जीवित भारतीय लेखक से दूर नहीं रखना चाहिए।
थरूर ने हाल ही में उनकी नवीनतम उपन्यास 'विक्ट्री सिटी' पढ़ी थी। इस उपन्यास में रुश्दी ने मध्ययुगीन शहर हम्पी का जिक्र करते हुए विजयनगर साम्राज्य के कर्नाटक के बर्बाद क्षेकत्र के बारे में बताया है। उन्होंने कहा- मैंने अभी-अभा सलमान रुश्दी की शानदार उपन्यास विक्ट्री सिटी को अपने यथार्थवादी आंखों के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य के इतिहास को जाना है।
उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने अस्तित्व में एक काल्पनिक साम्राज्य की कल्पना करती है। उपन्यास के आखिरी पन्ने केवल शद्ब ही जीतते हैं का हवाला देते हुए कांग्रेस के 66 वर्षीय नेता जो खुद ही एक शानदार लेखक है ने कहा- "इन शब्दों का उपयोग करने वाला भी एक विजेता होता है, और 'विक्ट्री सिटी' एक जीत है।"
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उन्होंने कहा- "अब समय आ गया है कि महानतम जीवित भारतीय लेखक को प्रतिष्ठित 'नोबेल पुरस्कार' दिया जाए।"
उपन्यासकार सलमान रश्दी अपनी उपन्यास 'द सैटेनिक वर्सेज' के लिए मौत की धमकियों का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ही एक 24 वर्षीय युवक ने उनकी चाकू मारकर हत्या करने का प्रयास किया था। इस घटना में वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे।
मिडनाइट चिल्ड्रेन के लिए सलमान रुश्दी को 1981 में 'ब्रुकर पुरस्कार' मिला था। इस उपन्यास को 1993 में 'ब्रुकर ऑफ ब्रुकर' और 2008 में 'बेस्ट ऑफ द ब्रुकर' पुरस्कार भी मिल चुका है।
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थरूर ने हाल ही में उनकी नवीनतम उपन्यास 'विक्ट्री सिटी' पढ़ी थी। इस उपन्यास में रुश्दी ने मध्ययुगीन शहर हम्पी का जिक्र करते हुए विजयनगर साम्राज्य के कर्नाटक के बर्बाद क्षेकत्र के बारे में बताया है। उन्होंने कहा- मैंने अभी-अभा सलमान रुश्दी की शानदार उपन्यास विक्ट्री सिटी को अपने यथार्थवादी आंखों के माध्यम से विजयनगर साम्राज्य के इतिहास को जाना है।
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उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने अस्तित्व में एक काल्पनिक साम्राज्य की कल्पना करती है। उपन्यास के आखिरी पन्ने केवल शद्ब ही जीतते हैं का हवाला देते हुए कांग्रेस के 66 वर्षीय नेता जो खुद ही एक शानदार लेखक है ने कहा- "इन शब्दों का उपयोग करने वाला भी एक विजेता होता है, और 'विक्ट्री सिटी' एक जीत है।"
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उन्होंने कहा- "अब समय आ गया है कि महानतम जीवित भारतीय लेखक को प्रतिष्ठित 'नोबेल पुरस्कार' दिया जाए।"
उपन्यासकार सलमान रश्दी अपनी उपन्यास 'द सैटेनिक वर्सेज' के लिए मौत की धमकियों का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ही एक 24 वर्षीय युवक ने उनकी चाकू मारकर हत्या करने का प्रयास किया था। इस घटना में वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे।
मिडनाइट चिल्ड्रेन के लिए सलमान रुश्दी को 1981 में 'ब्रुकर पुरस्कार' मिला था। इस उपन्यास को 1993 में 'ब्रुकर ऑफ ब्रुकर' और 2008 में 'बेस्ट ऑफ द ब्रुकर' पुरस्कार भी मिल चुका है।