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असम मंत्री के 'गोभी की खेती' पोस्ट पर बवाल: शशि थरूर बोले- धर्म और राष्ट्रवाद नहीं करते नरसंहार की सराहना
Sun, 16 Nov 2025 05:12 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 16 Nov 2025 05:12 PM IST
सार
असम सरकार के मंत्री की तरफ से किए गए एक पोस्ट को लेकर देश में राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसकी कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि धर्म और राष्ट्रवाद नरसंहार की सराहना नहीं करते हैं। वहीं गौरव गोगोई और टीएमसी ने इसे लेकर केंद्र पर निशाना साधा है।
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शशि थरूर, सांसद, कांग्रेस
- फोटो : ANI
विस्तार
असम के मंत्री अशोक सिंघल के विवादित 'गोभी की खेती' वाले पोस्ट पर बड़ा राजनीतिक तूफ़ान खड़ा हो गया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पोस्ट की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि न तो हिंदू धर्म और न ही राष्ट्रवाद ऐसे नरसंहारों को सही ठहराता है, न ही उनकी प्रशंसा करता है।
यह भी पढ़ें - Tibet Administration: 'कभी चीन पर था तिब्बत का शासन', भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी का बड़ा दावा
कैसे शुरू हुआ विवाद?
शुक्रवार को अशोक सिंघल ने एक्स पर 'बिहार में गोबी की खेती को मंजूरी' लिखकर एक पोस्ट किया, साथ में फूलगोभी के खेत की तस्वीर लगाई। कई लोगों ने इसे 1989 के भागलपुर दंगों से जोड़ते हुए कहा कि यह उस हिंसा का संदर्भ है जिसमें 116 मुस्लिम मारे गए थे और उनके शवों को खेतों में दफनाकर ऊपर गोभी की खेती कर दी गई थी। ऑनलाइन कई लोगों ने इस पोस्ट को 'नरसंहार का महिमामंडन' बताया।
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शशि थरूर की प्रतिक्रिया
एक उपयोगकर्ता ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को टैग करते हुए पूछा कि क्या वे ऐसे 'सामान्यीकरण' के खिलाफ हिंदू नेताओं से बयान दिलवा सकते हैं। इस पर शशि थरूर ने जवाब दिया, 'मैं कोई समुदाय संगठित करने वाला नेता नहीं, लेकिन एक गर्वित हिंदू और समावेशी भारत का समर्थक हूं। हमारा धर्म और हमारा राष्ट्रवाद ऐसे हत्याकांडों को न तो स्वीकार करता है, न ही सराहता है।' जब एक दूसरे उपयोगकर्ता ने कहा कि थरूर ने इस पोस्ट की निंदा नहीं की, तो उन्होंने साफ लिखा, 'मैंने यही तो किया, मैंने इसकी निंदा की।'
गौरव गोगोई और टीएमसी की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री द्वारा 'ग़ोभी की खेती' जैसी उपमा का इस्तेमाल राजनीतिक गिरावट का नया स्तर है। उन्होंने कहा, 'यह अश्लील और शर्मनाक है। इस तस्वीर का संबंध लोगाईं नरसंहार से है, जहां 116 मुस्लिमों की हत्या कर उनके शव गोभी के खेतों में छिपाए गए थे।'
यह भी पढ़ें - Politics: 'दलगत राजनीति से दूर हूं, भावनाओं पर नियंत्रण बेहद जरूरी..', बिहार चुनाव और SIR पर बोले उपराष्ट्रपति
गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि 'यह मानसिकता उन्हीं के नेतृत्व से पनपी है।' वहीं टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने भी इस पोस्ट को 'मुस्लिम नरसंहार का महिमामंडन' बताया। उन्होंने कहा, 'यह कोई फ्रिंज एलिमेंट नहीं, बल्कि मोदी सरकार का मंत्री है।'
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कैसे शुरू हुआ विवाद?
शुक्रवार को अशोक सिंघल ने एक्स पर 'बिहार में गोबी की खेती को मंजूरी' लिखकर एक पोस्ट किया, साथ में फूलगोभी के खेत की तस्वीर लगाई। कई लोगों ने इसे 1989 के भागलपुर दंगों से जोड़ते हुए कहा कि यह उस हिंसा का संदर्भ है जिसमें 116 मुस्लिम मारे गए थे और उनके शवों को खेतों में दफनाकर ऊपर गोभी की खेती कर दी गई थी। ऑनलाइन कई लोगों ने इस पोस्ट को 'नरसंहार का महिमामंडन' बताया।
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शशि थरूर की प्रतिक्रिया
एक उपयोगकर्ता ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को टैग करते हुए पूछा कि क्या वे ऐसे 'सामान्यीकरण' के खिलाफ हिंदू नेताओं से बयान दिलवा सकते हैं। इस पर शशि थरूर ने जवाब दिया, 'मैं कोई समुदाय संगठित करने वाला नेता नहीं, लेकिन एक गर्वित हिंदू और समावेशी भारत का समर्थक हूं। हमारा धर्म और हमारा राष्ट्रवाद ऐसे हत्याकांडों को न तो स्वीकार करता है, न ही सराहता है।' जब एक दूसरे उपयोगकर्ता ने कहा कि थरूर ने इस पोस्ट की निंदा नहीं की, तो उन्होंने साफ लिखा, 'मैंने यही तो किया, मैंने इसकी निंदा की।'
गौरव गोगोई और टीएमसी की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री द्वारा 'ग़ोभी की खेती' जैसी उपमा का इस्तेमाल राजनीतिक गिरावट का नया स्तर है। उन्होंने कहा, 'यह अश्लील और शर्मनाक है। इस तस्वीर का संबंध लोगाईं नरसंहार से है, जहां 116 मुस्लिमों की हत्या कर उनके शव गोभी के खेतों में छिपाए गए थे।'
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गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि 'यह मानसिकता उन्हीं के नेतृत्व से पनपी है।' वहीं टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने भी इस पोस्ट को 'मुस्लिम नरसंहार का महिमामंडन' बताया। उन्होंने कहा, 'यह कोई फ्रिंज एलिमेंट नहीं, बल्कि मोदी सरकार का मंत्री है।'